- महाकाल मंदिर का नंदी हॉल बदलेगा रूप, 20 लाख की लागत से होगा सौंदर्यीकरण; सावन से पहले पूरा करने की तैयारी
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर फिर ठगी, गुजरात की दो महिलाओं से 42 हजार रुपए वसूले; पुलिस ने शुरू की जांच
- शनिचरी अमावस्या पर उज्जैन के शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 24 घंटे में 1000 लीटर से ज्यादा तेल चढ़ा; घाटों से हटाए गए कपड़े और जूते-चप्पल
- “मैं पापा के साथ जाऊंगा…”: उज्जैन कोर्ट में मासूम की जिद के बाद पिता संग भैरवगढ़ जेल पहुंचा 4 साल का बच्चा
- बाबा महाकाल के दरबार में पहुंची भारतीय महिला क्रिकेट टीम, कप्तान हरमनप्रीत कौर समेत खिलाड़ियों ने भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
हस्त नक्षत्र में विराजेंगी मां शक्ति, मध्याह्न में लगेगा चित्रा नक्षत्र
मां शक्ति की आराधना का पर्व नवरात्रि इस बार दस दिन का रहेगा। १ अक्टूबर को घटस्थापना के साथ नवरात्रि पर्व की शुरुआत होगी। नवरात्रि में आदिशक्ति मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। देवी आराधना का यह पर्व १० अक्टूबर को समाप्त होगा। ११ अक्टूबर को विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा।
वहीं इस बार मां शक्ति हस्त नक्षत्र में विराजेंगी। मध्याह्न से चित्रा नक्षत्र शुरू होगा। इसमें घटस्थापना नहीं की जाती है। घटस्थापना के लिए चित्रा नक्षत्र शुभ नहीं है। नवरात्रि में मां महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की उपासना की जाती है। नवरात्रि के दौरान ६ अक्टूबर को ललिता पंचमी है। इस दिन आनंद योग और अनुराधा नक्षत्र का संगम इसे और भी खास बना देता है।
मां सरस्वती के चार दिन
नवरात्रि के दौरान मां सरस्वती के चार दिन होते हैं। इस बार ८ अक्टूबर से यह शुरू होंगे। पहले दिन ८ अक्टूबर को मां का आह्वान किया जाएगा। ९ को पूजन, १० को बलिदान एवं ११ अक्टूबर को विसर्जन किया जाएगा। चूंकि मां सरस्वती विद्या की देवी हैं इसलिए यह दिन शिक्षा के जुड़े लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है।