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12 से 14 वर्ष के बच्चों को टीका लगवाने के लिए परेशान हुए पालक…
स्कूल में परीक्षा, दो घंटे बाद शुरू हुआ टीकाकरण
स्वास्थ्य विभाग ने देर से जारी की सूची,
सुबह 10 बजे तक नहीं पहुंची टीम,
दशहरा मैदान स्कूल में चल रही थी 9वीं की परीक्षा…
उज्जैन।बच्चों के टीकाकरण के पहले ही दिन केंद्र्रों पर अव्यवस्थाएं नजर आई। पहले तो स्वास्थ्य विभाग ने टीकारण केंद्रों की सूची समय पर जारी नहीं की। वहीं कुछ स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में टीकाकरण के समय को भी दो घंटे आगे बढ़ाना पड़ा और स्कूल प्रबंधकों को भी ताबड़तोड़ व्यवस्थाएं करना पड़ी।
सुबह 10 बजे तक आपाधापी का आलम रहा। पालक भी टीकाकरण के लिए इधर-उधर भटकते रहे। दशहरा मैदान स्थित शासकीय कन्या उमावि को भी टीकाकरण केंद्र बनाया गया।
यहां पर कक्षा नवीं की परीक्षा चल रही हैं। ऐसे में यहां पर टीकाकरण का समय बदलते हुए दोपहर 12 बजे किया गया। वहीं देसाईनगर स्थित शासकीय कन्या नूतन माध्यमिक विद्यालय के खुलने का समय ही 11 बजे है। ऐन वक्त पर केंद्र की सूची जारी की गई। ऐसे में यहां भी एक घंटे देरी से टीकारण शुरू हो पाया।
प्रदेशभर सहित जिले में भी आज से 12 से 14 वर्ष आयु के बच्चों को कोरोनारोधी वैक्सीन कार्बीवेक्स लगाने काम शुरू होना था, लेकिन कई केंद्रों तक सुबह 10 बजे तक टीम ही नहीं पहुंची थी
। इधर पालक अपने बच्चों को टीका लगवाने स्कूलों में पहुंचे तो पता चला कि स्कूल संचालकों को ही जानकारी नहीं है कि किन स्कूलों में टीका लगेगा। इस जानकारी को स्वास्थ्य विभाग ने एक दिन पूर्व सोश्यल मीडिया पर जारी नहीं किया। इस कारण भी उहापोह बनी रही।
पहले दिन रखा है 20 हजार टीके लगाने का लक्ष्य…
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. केसी परमार के अनुसार पहले दिन 20 हजार टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया है। जब यह पूछा गया कि टीमें 10 बजे तक नहीं पहुंची है तथा टीकाकरण केंद्रों के नाम जारी नहीं होने से लोग भटक रहे हैं, तब उन्होंने कहा कि यह गलती तो हो गई है, हम आगे से ध्यान रखेंगे।
ज्ञात रहे टीकाकारण का समय भी लोगों को/स्कूल संचालकों को मालूम नहीं था। डॉ. परमार ने चर्चा में बताया कि पूरे जिले में 78,310 बच्चों को टीका लगाया जाना है, जिनका जन्म 15 मार्च, 2010 से पूर्व हुआ है। पहले दिन 20 हजार का लक्ष्य रखकर जिलेभर के लिए 200 टीम बनाई गई है। हर टीम में 4-4 लोग हैं।