- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
महाकाल के पुजारी ने उठाया बड़ा कदम – ‘शाही’ और ‘पेशवाई’ शब्दों को हटाने की मांग: बोले – ‘गुलामी के प्रतीक’ शब्दों को हटाया जाए
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया: उज्जैन, महाकाल की पवित्र नगरी, जहाँ हर वर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं, और इस नगर की धरती पर भगवान महाकाल के दर्शन पाकर अपने जीवन को धन्य मानते हैं। लेकिन यहाँ आगामी सिंहस्थ कुंभ के मद्देनजर कई बदलाव हो रहे हैं। प्रयागराज कुंभ से सीखा गया अनुभव अब उज्जैन में भी लागू होने जा रहा है। इस बार क्राउड मैनेजमेंट, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित यात्रा जैसे हर पहलू पर…
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