- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
80/84 श्री स्वप्नेश्वर महादेव
80/84 श्री स्वप्नेश्वर महादेव काफी समय पहले कल्माषपाद नाम के एक राजा हुआ करते थे। एक बार उन्होने वन में वशिष्ट मुनि के पुत्र ओर बहू को देखा । उस समय उनका पुत्र ध्यान में बैठा हुआ था। राजा ने मुनि से कहा कि रास्ते से हट जाओं परंतु मुनि ने नहीं सुना, तो राजा ने क्रोध में आकर मुनि पर चाबुक से प्रहार करना शुरू कर दिया। यह देख वशिष्ट मुनि के दूसरे पुत्र…
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