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आरोप: दान में मिले रुपयों से खरीदी थी जमीन
पं. कमल किशोर नागर की गोशाला पर बनेगी कॉलोनी
बिल्डिंग टूटना शुरू, भक्तों में रोष
उज्जैन। कथावाचक कमल किशोर नागर की चिंतामण स्थित गौशाला-धर्मशाला की जमीन पर जल्द ही कॉलोनी बनना शुरू होगी। करीब २२ साल पहले २६ लाख रुपए में खरीदी इस जमीन का सौदा करीब ११ करोड़ रुपए में होने जा रहा है। खास बात यह है कि गौशाला की तुड़ाई शुरू होते ही क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा व्याप्त है।
शाजापुर के ग्राम सेमली निवासी नागर की कथाओं से प्रभावित होकर ग्रामीण ने उन्हें संत मानते हुए१९९७-९८ में गौशाला के लिए जमीन दान करना तय किया था। ग्रामणों ने चिंतामण निवासी रणछोड़लाल आंजना से २६ बीघा जमीन खरीदकर नागर को दान में दे दी थी।
हालांकि कुछ समय बाद नागर ने ग्रामीणों को करीब २६ लाख रुपए लौटा कर भूमि अपनी पत्नी के नाम करवा ली। करीब डेढ़ दशक पहले नागर ने यहां धर्मशाला और गौशाला बनाई लेकिन अब गौशाला की जगह कॉलोनी बनाने की तैयारी की जा रही है। गौशाला तोड़ते देख नागर के ही भक्त नाराज हंै। आरोप है कथावाचक नागर धन कमाने के लिए उनकी भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हंै।
सौदा नहीं अभी सिर्फ चर्चा
बताया जाता है कथावाचक नागर के खास लोगों की कॉलोनाइजर नरेंद्र सौगानी से जमीन बेचने को लेकर बात हो गई है। पहले सोगानी और उनके अहमदाबाद के पार्टनरों द्वारा जमीन खरीदने की भी चर्चा थी।
सौगानी ने कहा उन्होंने जमीन नहीं खरीदी है सर्फ गौशाला तुड़वाने का ठेका दिलवाया है। संत नागर की ओर से जमीन की कीमत ११ करोड़ रुपए मांगी गई है। कीमत को लेकर ही अभी तक सौदा तय नहीं हो पाया है।
खुद बना सकते कॉलोनी
मामले में संत नागर से चर्चा नहीं हो पाई उनके पुत्र प्रभु ने सहयोगी अनूप अग्रवाल से चर्चा का कहा। अग्रवाल ने माना गौशाला की जगह कॉलोनी काटने की योजना है, चार पार्टियों से बात भी चल रही है। सौदा नहीं होने पर वे खुद कॉलोनी काटेंगे। उन्होंने कहा वे पहले भी चार कॉलोनी निर्माण कर चुके हैं।