- Ujjain Blast Case: बड़नगर विस्फोट मामले में ATS की एंट्री, फोरेंसिक जांच के बीच क्रेन मालिक का बयान आया सामने
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का भस्म आरती शृंगार दर्शन 26-06-2026
- उज्जैन प्रशासन का स्वास्थ्य अभियान, मिठाइयों पर चांदी के वर्क पर लगेगी रोक
- महाकाल पर भक्तों की अपार श्रद्धा: दान, प्रसादी और सेवाओं से 142 करोड़ की आय
- गंगा दशहरा पर महाकाल मंदिर में शुरू हुई 16 घंटे की अखंड नृत्य आराधना, शयन आरती तक कलाकार देंगे नृत्यांजलि
बार एसोसिएशन चुनाव: वरिष्ठ अभिभाषक ले सकते नाम वापस
उज्जैन। बार एसोसिएशन चुनाव में दो मुख्य पदों पर निर्विरोध पदाधिकारी चुने जाने के प्रयास सफल नहीं हो सके। नतीजतन संभावना व्यक्त की जा रही है कि अध्यक्ष पद एक मुख्य दांवेदार मैदान से हट जाएंगे। हालांकि शनिवार दोपहर नाम वापसी के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि किस पद के लिए कितने उम्मीदवार मैदान में रहेंगे।
बार एसोसिएशन चुनाव में अध्यक्ष के चार व कोषाध्यक्ष पद के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में है। कुछ अभिभाषकों प्रयास कर रहे थे कि अशोक यादव, योगेश व्यास, विशाल चौबे नाम वापस लें, जिससे वरिष्ठ अभिभाषक गोपाल कृष्ण दाऊदखाने निर्विरोध चुने जा सके। कोषाध्यक्ष पद पर भी यहीं हाल थे।
शुक्रवार तक कोशिश की गई कि डॉ. निर्दोष निर्भय, शैलेष मनाने मान जाए, जिससे वीरेंद्रसिंह कुशवाह को बिना चुनाव चुन लिया जाए। डॉ. निद्रोष तैयार हो गए थे, बावजूद दोनों पदों पर सहमती नहीं बन पाई। सूत्रों की माने तो यहीं वजह है कि दाउदखाने ने नाम वापसी का मन बना लिया है। हालांकि उन्होंने इसकी घोषणा नहीं की है।
राजनिती या सराहनीय पहल : निर्विरोध अध्यक्ष चुनने का प्रयास करने वालों का मत है कि दाउदखाने वरिष्ठ अभिभाषक है। बिना चुनाव उन्हें अध्यक्ष बनाने से अच्छी परंपरा शुरू हो सकती थी। दूसरे पक्ष का दावा है कि एक वरिष्ठ अभिभाषक स्टेट बार काउंसलिंग के होने वाले चुनाव को देखते हुए यह वोट बैंक तैयार कर रहे थे। कुछ वकीलों ने तो यह तक कहां कि मप्र राज्य अधिवक्ता परिषद जबलपुर का पत्र भी उन्हीं की योजना का हिस्सा है।
अब यह कार्यक्रम: निर्वाचन अधिकारी गोविंद शर्मा ने बताया कि विभिन्न पद और कार्यकारणी के लिए २८ अप्रैल तक २९ दावेदारों ने नामांकन भरा था। कई उम्मीदवारों के नाम वापसी की चर्चा चल रही है। दोपहर २ बजे नाम वापसी के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि किस पद के लिए कितने उम्मीदवार मैदान में रहेंगे। सूत्रों के अनुसार जिन्होंने चुनाव लडऩा तय कर लिया वे मतदाता वकीलों के घर पहुंचकर जनसंपर्क में जुट गए हंै।