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पाइपलाइन से नर्मदा का पानी आने पर 8 माह शिप्रा का अस्तित्व सिर्फ त्रिवेणी से सिद्घवट तक
– 432 करोड़ रुपए के नर्मदा-शिप्रा लिंक प्रोजेक्ट की मंशा नहीं होगी पूरी
– नहान और पेयजल के लिए सीधे पाइपलाइन के जरिये आएगा पानी
उज्जैन। नईदुनिया प्रतिनिधि
पाइपलाइन के जरिये नर्मदा का जल उज्जैन आएगा तो शिप्रा नदी का अस्तित्व साल के 8 माह सिर्फ त्रिवेणी से सिद्घवट घाट तक ही रह जाएगा। इससे शिप्रा को प्रवाहमान बनाए रखने और सिंचाई के लिए शुरू की 432 करोड़ रुपए की नर्मदा-शिप्रा लिंक परियोजना की मंशा पूरी नहीं होगी।
महाकाल की नगरी उज्जैन में पेयजल और औद्योगिक प्रयोजन के लिए नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण का ‘नर्मदा : उज्जैनी से उज्जैन पाइपलाइन प्रोजेक्ट’ पूर्ण होने की कगार पर है। अफसरों का कहना है कि 139 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट 20 जून के आसपास पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद उज्जैन में जब भी पर्व स्नान या पेयजल के लिए पानी की आवश्यकता होगी, नर्मदा का पानी पाइपलाइन के जरिये सीधे उज्जैन पहुंचाया जाएगा। यानी उज्जैनी से त्रिवेणी तक नर्मदा जल नहीं रहेगा। इसके लिए प्राधिकरण से अनुबंधित मुंबई की जेएमसी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने इंदौर के गांव उज्जैनी से उज्जैन के त्रिवेणी घाट तक 1325 मिमी व्यास की 66.17 किमी लंबी पाइपलाइन बिछा दी है। सिर्फ आगरा-मुंबई राजमार्ग की सड़क से लाइन क्रॉस करना बाकी है। यह काम सप्ताहभर का है। पाइपलाइन की टेस्टिंग शुरू हो गई है। अगले 10-12 दिनों में टेस्टिंग पूरी कर ली जाएगी। प्रोजेक्ट के मुताबिक पाइपलाइन के जरिये 2.20 क्यूमेक नर्मदा का पानी हर दिन प्रवाहित करने के लिए इंदौर के गांव मुंडला दोस्तदार स्थित पंपिंग स्टेशन नंबर 4 का उपयोग किया जाएगा। प्रोजेक्ट पूरा होने से नानाखेड़ा क्षेत्र की तकरीबन 25 कॉलोनियों को भी पीएचई की पाइपलान से पानी मिला करेगा।