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आसमान से बरसी राहत की बारिश, नालों में जमा कचरा
उज्जैन:भीषण गर्मी से जूझ रहे शहरवासियों ने बीती रात तेज व रिमझिम बारिश के बाद राहत की सांस ली। मानसून की पहली बारिश के बाद नाले उफन गये और गंदगी सड़कों पर बहती नजर आई। मौसम प्रेक्षक के अनुसार बारिश का सिलसिला अगले दो दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
रात करीब 2 बजे शुरू हुई बारिश का क्रम सुबह 7 बजे तक चला। इस दौरान कभी धीमी तो कभी तेज बारिश दर्ज की गई। मंगलवार दिन भर आसमान में बादल छाये रहने के कारण उमस से लोग बेहाल रहे और रात में बारिश के बाद सुबह मौसम में ठण्डक घुलने के साथ मौसम भी खुशनुमा हो गया। तेज बारिश के कारण नालों में कचरा जम गया और गंदगी व पानी सड़कों पर फैल गये। शिप्रा नदी किनारे बने नाले उफनकर गंदा पानी सीधे नदी में मिल रहा था।
यहां सुबह पूजन कार्य कराने में पंडों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। मौसम प्रेक्षक दीपक गुप्ता के अनुसार पूरे प्रदेश में मानसून के लिये अच्छा सिस्टम तैयार हुआ है और आगामी 2 दिनों में तेज बारिश की संभावना है। गुप्ता ने बताया कि बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है। दिन का अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस रहा तो रात में 23.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सुबह तक बारिश 29.8 एमएम रिकार्ड की गई है।
इन क्षेत्रों में उफने नाले
बीती रात हुई तेज बारिश के बाद नई सड़क, केडी गेट, एटलस चौराहा, रामघाट मार्ग सहित अनेक कालोनियों के नाले नाली उफने और गंदगी सड़कों पर आ गई। जिला चिकित्सालय परिसर में पानी की डबरियां तालाब सी नजर आने लगी जिस कारण मरीजों को गंदे पानी से होकर आवागमन करना पड़ा। सिविल सर्जन परमार ने इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया, जबकि डॉ. जीएस धवन ने बताया कि इंजीनियर की गलती के पानी की निकासी ठीक नहीं है। गंदे पानी की निकासी कराई जायेगी।