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अब श्रद्धालु गर्भगृह से कर सकेंगे दर्शन
उज्जैन:भगवान महाकाल के दर्शन आम दर्शनार्थियों को सुबह 11 से शाम 4 बजे तक रविवार को छोड़कर गर्भगृह से करवाए जाएंगे। प्रारंभिक तौर पर इस व्यवस्था का पहले अध्ययन किया जाएगा जिसके बाद इसे स्थायी तौर पर लागू किया जाएगा। इसी तरह श्रद्धालुओं के लिये 5 ग्राम का महाकाल मंदिर की छाप वाला चांदी का सिक्का भी उपलब्ध करवाया जायेगा।
यह निर्णय श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने बैठक में लिए। आगामी एक सप्ताह में उक्त 5 ग्राम के सिक्के दानराशि निर्धारित कर प्रसाद काउंटर से उपलब्ध करवाए जाएं। अध्यक्षता कलेक्टर शशांक मिश्र ने की। बैठक में एसपी सचिन अतुलकर, नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल, प्रशासक अवधेश शर्मा, समिति सदस्य आशीष पुजारी, विजयशंकर पुजारी, दीपक मित्तल, महंत रामेश्वरदास मौजूद थे।
बैठक में मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों की वेतनवृद्धि को लेकर चर्चा की गई। इसमें निर्णय लिया कि कर्मचारियों का वेतन मूल्य सूचकांक से जोड़कर दिया जाये। इस संबंध में सहायक कोषालय अधिकारी एवं सदस्यों की टीम निर्णय करेगी। साथ ही कर्मचारियों का ड्रेसकोड का भी निर्णय लिया। समिति सदस्य व सहायक प्रशासनिक अधिकारी मिलकर तय करेंगे कि किस रंग की ड्रेस को तथा कितने मूल्य का कपड़ा व्यय किया जाना है। कर्मचारियों को उक्त ड्रेस बनाने के लिये सिलाई सहित राशि उनके खाते में जमा करवाई जाएगी।
पगड़ी, सोले रखेंगे बिक्री के लिए
बैठक में लड्डू प्रसाद निर्माण पर निविदा के संबंध में चर्चा की गई। समिति सदस्यों ने बताया जो व्यक्ति (कारीगर) इस समय लड्डू प्रसाद का निर्माण कर रहा है वह काफी समय इसमें संलग्न है। उसके द्वारा बनाए लड्डू का स्वागत देशभर में पहचान बना चुका है। अब यदि किसी अन्य व्यक्ति से लड्डू सामग्री तैयार करवाई जाती है तो इसके स्वाद में अंतर आयेगा। लड्डू निर्माण की विधि एवं तकनीक संबंधित कारीगर की शैली पर निर्भर करती है इसलिये लड्डू प्रसाद के स्वाद को बनाये रखने के लिये निविदा की जाना चाहिये या नहीं, यह निर्णय लेने के लिये उप समिति गठित करते हुए कलेक्टर ने सात दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इसी तरह भगवान को भेंट होने वाली पगड़ी, सोले, घंटियां एवं अन्य सामग्री का डिस्प्ले करके इन सामग्री का दान राशि तय कर बिक्री के लिए रखने का निर्णय भी लिया।