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48 हजार मरीजों की स्लाइड में एक भी मलेरिया पॉजिटिव नहीं
उज्जैन।जिले के मलेरिया विभाग द्वारा मलेरिया की रोकथाम के लिये किये जा रहे प्रयासों का परिणाम अथवा जादुई आंकड़ों का नतीजा ही कहा जायेगा कि जनवरी से अगस्त तक 48 हजार से अधिक मरीजों के ब्लड सेम्पल मलेरिया की जांच के लिये प्राप्त किये गये लेकिन एक भी मलेरिया पॉजिटिव नहीं मिला।
दो मरीज मिले जिनमें आंशिक रूप से मलेरिया के लक्षण पाये गये वहीं दूसरी ओर यदि जिले भर की प्रायवेट लैब पर अब तक हुई मलेरिया जांच रिपोर्टों पर नजर डालें तो प्रति 100 जांचों में मलेरिया पॉजिटिव का आंकड़ा 4-5 मरीजों का सामने आया है। अब यह बात कौन तय करेगा कि शासन द्वारा कराई जा रही जांच की रिपोर्ट सही है अथवा प्रायवेट लैब द्वारा मरीजों को दी जा रही जांच रिपोर्ट सही है। अक्षरविश्व की टीम द्वारा जब अधिकारियों से इस संबंध में चर्चा की तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर अनेक जानकारियां दी जिसे सुनकर चौंक गये।
लैब में प्रतिदिन आते हैं 200 स्लाइड
जिला चिकित्सालय ओपीडी के अलावा जिले भर के शासकीय अस्पतालों से प्रतिदिन लगभग 200 स्लाइड माधव नगर स्थित मलेरिया विभाग की लैब में पहुंचती हैं। यहां पर लैब टेक्निशियन गोपाल जायसवाल और राजेन्द्र गोयल पदस्थ हैं। दोनों टेक्निशियन ने चर्चा में बताया कि जनवरी से अब तक 48 हजार से अधिक स्लाइडों की जांच कर चुके हैं, लेकिन मात्र दो सेम्पल ही मलेरिया पाजिटिव के मिले हैं।
प्रायवेट पैथालॉजी के आंकड़े अलग
शहर में सैकड़ों की संख्या में प्रायवेट पैथालॉजी लैब संचालित हो रही हैं। प्रायवेट अस्पतालों और क्लिनिक में मरीज बुखार आने पर उपचार कराने पहुंचते हैं। 3-4 दिनों तक बुखार खत्म नहीं होने पर डॉक्टर द्वारा मलेरिया, टायफाइड आदि की जांच भी कराई जाती है। एक अनुमान के मुताबिक प्रायवेट पैथालॉजी लैब पर प्रतिदिन 20-30 ब्लड टेस्ट मलेरिया के होते हैं, इनमें पाजिटिव की संख्या भी अधिक होती है, लेकिन इन आंकड़ों को मलेरिया विभाग तक नहीं पहुंचाया जाता।
यह है मलेरिया विभाग का सिस्टम
शासन के मलेरिया विभाग द्वारा जिला मलेरिया कार्यालय स्थापित किया गया है। वर्तमान में जिला मलेरिया अधिकारी अविनाश शर्मा हैं। शासकीय अस्पतालों में उपचार के लिये पहुंचने वाले मरीजों को यदि 3-4 दिनों तक लगातार बुखार बना रहता है तो डॉक्टर द्वारा मलेरिया की जांच कराई जाती है।
जिला चिकित्सालय ओपीडी में मलेरिया विभाग के कर्मचारी द्वारा मरीज की स्लाइड ली जाती है, उसका नाम, पता दर्ज किया जाता है। यह स्लाईड मलेरिया विभाग की माधव नगर अस्पताल में बनी लैब में जांच के लिये जाती है। दूसरे दिन जांच मलेरिया की जांच रिपोर्ट मरीज को मिल जाती है। जिला चिकित्सालय ओपीडी में बैठने वाले कर्मचारी त्रिवेदी ने चर्चा में बताया कि प्रतिदिन 30 से 40 मरीजों की स्लाइड लेते हैं। यह आंकड़ा जनवरी से अब तक 3 हजार से अधिक तक है लेकिन आज तक एक भी मरीज मलेरिया पाजिटिव का नहीं आया है।