- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
इस मानसून में 10वीं बार खुला गंभीर का गेट
उज्जैन:चार दिनों से रूकी मानसून की बारिश ने शनिवार दोपहर को फिर से दस्तक दी। यह बारिश पूरी रात रूक-रूकककर होती रही। वहीं आज तड़के से भी कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही। इस मानसून के सीजन में 10वीं बार गंभीर डेम के गेट खोले गए है।
मौसम विभाग के विशेषज्ञों का अनुमान है कि आज शाम से लेकर कल तक भारी बारिश होगी। इधर बीते चौबीस घंटों में २ इंच से अधिक बारिश हुई है तथा शहर में अभी तक ३४ इंच बारिश हो चुकी है। सामान्यत: बारिश का आंकड़ा ३६ इंच होना चाहिए। शासकीय जीवाजीराव वेधशाला के प्रेक्षक दीपक गुप्ता ने बताया कि कल रात से ही हवा की गति धीमी है तथा अधिकतम तापमान २८.८ डिग्री व न्यूनतम २२.० डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जिस तरह से मौसम बना है तथा हवा का दबाव बहुत कम आंका गया है उससे आज शाम से लेकर कल तक भारी बारिश होने का अनुमान लगाया जा सकता है।
शाम तक फिर खुल सकता है एक गेट
गंभीर जलाशय पूरी क्षमता के साथ भर चुका है। जलाशय की क्षमता कुल २२५० एमसीएफटी है। पीएचई के सहायक यंत्री नरेश कुआल ने अक्षरविश्व को बताया कि बारिश की तेज स्थिति या इंदौर स्थित यशवंत सागर के यदि गेट खोले जाते है तो यहां भी आज शाम तक एक बार फिर गंभीर जलाशय का गेट खोला जा सकता है, ताकि जलाशय के पानी की क्षमता को मेंटेंन किया जा सके। इस बारिश के मौसम में अभी तक दस बार गंभीर जलाशय के गेट खोले जा चुके है। श्री कुआल के अनुसार गंभीर का अधिकतम रूप से एक ही गेट खोला जाता है तथा इससे ही जलाशय की क्षमता को मेंटेंन रखने में मदद मिलती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले तीन वर्ष पहले 10 बार गेट खोलने की स्थिति बनी थी।