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एक्सपर्ट के सुझाव- प्राकृतिक ड्रेनेज को पहचाने निगम, ढलान सुधारे तो सड़कों पर नहीं भरेगा पानी
कुशाभाऊ ठाकरे मार्ग की बायी ओर देवास-इंदौर रोड पर एक दशक में दस से ज्यादा नई कॉलोनियां खड़ी हो गईं। रहवासियों का कहना है कि इनमें से अधिकांश में अंडरग्राउंड ड्रेनेज है। बावजूद बारिश से यहां जलजमाव की स्थिति बन गई। ऐसी ही कॉलोनी है- शिवांश एवेन्यु। यहां बुधवार को तीन दिन से लगातार पानी सड़क पर बहता रहा। ऐसा पहली बार हुआ है। सांई विहार, सांईबाग, डिवाइन वैली, महालक्ष्मी, आरके पूरम, शिवधाम कॉलोनी में जलजमाव के कारण पानी सड़कों पर बहता रहा।
सीवरेज की तरह शहर में स्ट्रॉम वॉटर के लिए भी प्लानिंग की जरूरत है। भास्कर के आग्रह पर इंजीनियरिंग कॉलेज के तीन इंजीनियरों ने शिवांश एवेन्यु का दौरा किया। उन्होंने बहते पानी के बीच जलजमाव से निपटने के सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा निगम कंटूर मैप बनाए यानी ऐसा मैप जिससे संबंधित जमीन का लेवल पता चलता हो। स्ट्राॅम वॉटर (तूफान जल या बरसाती पानी) के लिए एक अलग प्रोजेक्ट की जरूरत महसूस की जा रही है। रहवासियों का कहना है कि पानी की निकासी के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। यही कारण है कि तेज बारिश में पानी जमा हो जाता है।
(भास्कर की पैनल में इंजीनियरिंग कॉलेज के इंजीनियर अतुल स्थापक, प्रो. अजय गुप्ता, प्रो. पराग अग्रवाल)
शहर की नई कॉलाेनियों में अंडर ग्राउंड ड्रेनेज के बाद भी क्यों भर रहा पानी, भास्कर के एक्सपर्ट पैनल ने इन इलाकों का दौरा कर बताया कारण, सुझाए तकनीकी समाधान
देवास रोड की 28 कॉलोनियां ऐसी, जहां बारिश में घुटनों तक भर जाता है पानी, कारण- निकासी के लिए जगह नहीं
इंजीनियरिंग कॉलेज के तीन इंजीनियर जब शिवांश एवेन्यु में पहुंचे तो सड़क पर पानी भरा था।
दो बड़े कारण…जिससे कॉलोनियों की सड़कें तालाब बन गई
प्राकृतिक ड्रेनेज खत्म : शिप्रा नदी शहर के उत्तर से दक्षिण की ओर बह रही है। ऐसे में पूरे शहर का पानी प्राकृतिक रूप से उसी तरफ यानी नदी में ही जाएगा लेकिन इस प्राकृतिक ड्रेनेज को खत्म कर दिया गया है। जिससे पानी को जहां रास्ता मिलता है वहां बहने लगता है और जहांं रुकावट आती है, वहां जलजमाव हो जाता है।
रोड बनाते समय लेवल पर ध्यान नहीं : कोई भी नई बसाहट के पहले टोपोग्राफी यानी संबंधित क्षेत्र के लेवल का ध्यान रखा जाना चाहिए। यह सड़क के साथ मकानों पर भी लागू होता है। कॉलोनाइजरों ने प्लाट, मकान तो बेचे लेकिन यह ध्यान नहीं रखा कि उसका लेवल मुख्य मार्ग से नीचा है या ऊंचा। नीचा होने पर ही इन क्षेत्रों पानी जमा हो रहा है।
इन कॉलोनियों में होता जलजमाव, कई कॉलोनियां नई भी
महेश विहार, जंतर-मंतर, पक्का पाला, डी-2 कोठी रोड, खंडेलवाल नगर, डिवाइन वैली, कोठी रोड हनुमान मंदिर, तीन बत्ती चौराहा, बालाजी एवेन्यू, सांदीपनि नगर ढांचा भवन, जवाहरनगर, साकेतनगर, गणेशनगर, अर्चना हाॅस्पिटल, वंसतविहार, नागझिरी औद्योगिक क्षेत्र, राजस्व कॉलोनी शक्तिनगर, एमपीईबी कॉलोनी ज्योतिनगर, एलआईजी मुनिनगर, लक्ष्मीनगर, तिरुपतिधाम, वसंतबिहार सेक्टर-ए, राजीवनगर सेंटपॉल के पीछे, नागेश्वरधाम, सूरजनगर, महेशनगर, शिवधाम कॉलोनी में जलजमाव होता है।
ये समाधान सुझाए
मास्टर प्लान में शामिल करेंगे हर बैठक में उठाते हैं मुद्दा समग्र प्लानिंग की जरूरत आपकी कॉलोनी में भर रहा पानी, यहां करें शिकायत नगर निगम के कंट्रोल रूम नंबर 0734-2535244 के अलावा प्रभारी स्वास्थ्य अिधकारी विक्रम सिंह पंड्या को 9406801029 पर कॉल किया जा सकता है।