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छात्र संघ चुनाव : संगठनों की होगी बैठक, तैयारियों पर जोर
उज्जैन। राज्य की कमलनाथ सरकार द्वारा कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव कराने संबंधी घोषणा करने के बाद शहर के छात्र संगठनों ने चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। तैयारियों को लेकर बैठकें होगी तथा उन उम्मीदवारों की तलाश करने का सिलसिला प्रारंभ कर दिया गया है, जिन पर चुनाव जीतने का विश्वास किया जा सकता है। इसके अलावा वरिष्ठ छात्र नेताओं से चुनावी मैदान में उतरने वाले विद्यार्थियों द्वारा भी संपर्क स्थापित करने का सिलसिला शुरू हो गया है। गौरतलब है कि उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में निजी और सरकारी महाविद्यालयों की संख्या लगभग 1300 है।
२००३ के बाद से चुनाव बंद: इन महाविद्यालयों में वर्ष 2003 के बाद से प्रत्यक्ष प्रणाली और वर्ष 2006 से अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव बंद है। प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव होने का आशय है कि छात्रों के वोट से सीधे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होना है। वर्ष 2006 तक अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराए गये। हालांकि इसके बाद वर्ष २०१७-१८ में भी एक बार फिर से अप्रत्यक्ष प्रणाली से ही चुनाव हुए थे। इस तरह के चुनाव में कक्षा प्रतिनिधि को छात्रों ने चुना और कक्षा प्रतिनिधियों ने अपने वोट से अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का निर्वाचन किया था।
घोषणा स्वागत योग्य
सरकार द्वारा चुनाव कराने की घोषणा स्वागत योग्य है। हमारे संगठन ने चुनाव को लेकर प्रारंभिक तैयारी करने की शुरूआत कर दी है। सितंबर के अंत या अक्टूबर में चुनाव हो सकते है। समय बहुत अधिक नहीं है, बैठकों का दौर जल्द होगा।
दिक्षा शर्मा, छात्र नेता एबीवीपी