- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
सीएए के समर्थन में उमड़ा सैलाब, संयोजक पर प्रकरण दर्ज
300 मीटर का तिरंगा लेकर निकले समग्र समाजजन, न्याय परिसर से शुरू हुई मौन रैली, भारत माता की आरती के साथ समापन
उज्जैन। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर व्याप्त भ्रम को दूर करने तथा इसके समर्थन में जिलेभर से विभिन्न समाजों के लोग सोमवार को उज्जैन में जुटे। दोपहर १२ बजे आगर रोड स्थित सामाजिक न्याय परिसर से शुरू हुई मौन रैली में समग्र समाज के करीब १० हजार लोग शामिल हुए। रैली क्षीरसागर, नरेन्द्र टॉकीज मार्ग, कंठाल, नईसड़क, दौलतगंज, मालीपुरा, देवासगेट, चामुंडा माता चौराहा, फ्रीगंज ओव्हर ब्रिज, टॉवर चौक होकर शहीद पार्क पहुंची। यहां भारत माता की आरती के साथ मौन रैली का समापन हुआ। यहां देशभक्ति के तराने गूंजे। करीब 4 किलोमीटर की इस रैली में पुरुष, महिलाएं एवं बच्चे भी शामिल हुए। इनके हाथों में ३०० मीटर लंबा तिरंगा, तख्ती, बैनर तथा झंडे थे। शहर में धारा १४४ लागू है। इसके बावजूद रैली निकालने, मंच बनाने सहित माइक पर संबोधन करने पर रैली के संयोजक चरणसिंह गिल के खिलाफ माधवनगर थाना पुलिस ने धारा १८८ के तहत प्रकरण दर्र्ज किया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा मंच के आह्वान पर निकाली रैली
यह मौन रैली राष्ट्रीय सुरक्षा मंच के आह्वान पर निकाली गई। मंच के संयोजक चरणसिंह गिल ने बताया कि लंबे समय से समाज से सीएए के समर्थन की आवाज उठ रही थी, इसे मूर्त रूप देने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा मंच के माध्यम से नगर में रहने वाले 65 समाजों द्वारा मौन रैली का आयोजन किया गया। इसमें संत समाज, व्यापारी एसोसिएशन और हजारों की संख्या में आम जन हाथों में तिरंगा और तख्तियां लेकर निकले। रैली में बंगाली महिलाओं द्वारा शंखनाद किया गया।
किन्नरों सहित इन समाज-संगठनों का मिला समर्थन
रैली को किन्नर समाज सहित 65 समाजों एवं 25 व्यापारी एसोसिएशन, कोचिंग क्लास एसोसिएशन, मेडिकल एसोसिएशन, ऑटो पाट्र्स एसोसिएशन, कम्प्यूटर एसोसिएशन, कपड़ा व्यापारी एसोसिएशन, अनाज व्यापारी संघ, फूल व्यापारी एसोसिएशन आदि द्वारा सहभागिता कर समर्थन दिया गया।