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जिला चिकित्सालय में ओपीडी से वार्ड तक गंभीर मरीज को भी ले जाना पड़ता है पैदल
उज्जैन –गणेशपुरा में रहने वाले युवक को उसकी मां जहर खाने पर गंभीर हालत में लेकर जिला चिकित्सालय की ओपीडी में पहुंची। यहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे वार्ड में भर्ती करने को कहा। करीब 10 मिनिट तक युवक की मां स्ट्रेचर का इंतजार करती रही और जब कोई नहीं आया तो उसे पैदल ही वार्ड तक ले गई।
राजकुमार पिता नंदकिशोर (30 वर्ष) निवासी गणेशपुरा मक्सी रोड ने रात में अत्यधिक शराब पी थी और सुबह अज्ञात कारणों के चलते जहर खा लिया।
उसकी मां प्रेमलताबाई गंभीर हालत में लेकर जिला चिकित्सालय की ओपीडी में पहुंची।यहां मौजूद डॉक्टर द्वारा राजकुमार को प्राथमिक उपचार देने के बाद सी वार्ड में भर्ती करने को कहा।
राजकुमार की हालत गंभीर थी और वह पैदल नहीं चल पा रहा था। मां प्रेमलता ने यहां मौजूद कर्मचारियों से स्ट्रेचर पर बेटे को वार्ड तक ले जाने को कहा, ओपीडी में स्ट्रेचर भी रखे थे लेकिन उसे उठाने वाले कर्मचारी नदारद थे।
करीब 10 मिनिट तक कोई कर्मचारी नहीं आया तो प्रेमलताबाई अपने बेटे को सहारा देकर पैदल ही वार्ड तक ले गई। परिजनों ने बताया कि राजकुमार पेंटर है और किन कारणों के चलते जहर खाया इसकी जानकारी नहीं है।