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बेगमबाग फोरलेन पर 58 दिन चला था धरना, अब वहां सन्नाटा लेकिन गलियों में अब भी घूम रहे लोग
कोरोना ने शहर की एक महिला को चपेट में लेकर कई लोगों के लिए खतरा बढ़ा दिया है। संपर्क में आए परिजन भी पॉजीटिव मिले हैं लेकिन शहर की गलियों में रहने वाले लोग अब भी इस खतरे को लेकर पूरी तरह गंभीर नहीं हुए हैं।
जयसिंहपुरा क्षेत्र में दोपहर 2:30 बजे महिला-पुरुष एवं बच्चे घर से बाहर खड़े थे। यहां पुलिस जवान पहुंचे और इन्हें अंदर जाने का बोला तो महिलाएं बोली बिजली गुल हो गई है। अंदर गर्मी लग रही थी इसलिए बाहर आए हैं। पुलिस जवानों ने कहा आप बहाने बनाकर घर से बाहर मत निकलो नहीं तो पुलिस को सख्ती बरतना पड़ेगी। लड़कों को कहा कुछ समय गर्मी सहन कर लो वरना लॉकअप की गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पाओगे।
महाकाल से बेगमबाग-गुदरी तक की सड़क बंद
महाकाल चौराहे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है। गुदरी, लोहे का पुल, बेगमबाग अथवा महाकाल क्षेत्र में आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिसकर्मी इस क्षेत्र में आने वालों को हिदायत देकर वापस लौटा रहे हैं। पैदल आवाजाही भी पूरी तरह बंद कर दी है। उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जा रही है।
धरना स्थल सूना, शहर काजी की घर में नमाज पढ़ने की अपील
बेगमबाग का धरना स्थल पर कोरोना की आपदा में सूना हो गया है। किसी मांग को लेकर प्रदर्शन कारी अब यहां मौजूद नहीं है। शहरकाजी खलीकुर्रेहमान ने भी मुस्लिम समाज के लोगों से मस्जिद में नहीं जाने व अपने घरों में रहकर नमाज अदा करने की अपील की है।