चीनी सामान के विरोध में सड़क पर बच्चे

चीन की नीतियों एवं वस्तुओं के विरोध के लिए शहर के करीब १०० अशासकीय विद्यालयों के कक्षा 6 से 12वीं तक के करीब ५ हजार विद्यार्थियों, शिक्षिक-शिक्षिकाओं एवं शहरवासियों ने बुधवार सुबह ९.१५ बजे मानव शृंखला बनाकर आवाज बुलंद की। हाथों में चीन के सामान के विरोध की तख्तियां थामे बच्चे भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे। इस दौरान शहर के सिंधी कॉलोनी से मुनिनगर तालाब, इंदौरगेट से नईसड़क, आगर रोड से चरक अस्पताल, महाकाल से गोपाल मंदिर, पंवासा आदि स्थानों पर मानव शृंखला बनाई। शहर के अलग-अलग स्थानों पर एक ही समय पर मानव शृंखला बनाई गई।

बच्चों ने लोगों से चीनी उत्पादों का बहिष्कार कर स्वदेशी उत्पादों से जुडऩे का अनुरोध किया। बच्चों को देशप्रेम के जज्बे को देख वहां से गुजरे रहे कई लोग भी इस मुहिम का हिस्सा बन गए। 10 किलोमीटर लंबी मानव शृंखला अपने आप में ऐतिहासिक रही। मानव शृंखला का समापन ९.४५ बजे वीर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देकर हुआ। बच्चों सहित शिक्षकों एवं आमजन ने दो मिनट का मौन रखा और शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

अनुशासन का दिया परिचय
मानव शृंखला के दौरान बच्चे जहां से भी गुजरे वहां यातायात थम गया। बच्चों के जज्बे को देख शहरवासी भी सलाम करते रहे। मानव शृंखला के दौरान बच्चों ने पूर्ण अनुशासन का परिचय दिया। यातायात बाधित ना हो इसलिए सड़क की साइड में मानव शृंखला बनाई गई।

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