- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
राम मंदिर की नीव रखने के बाद महाकाल में दिखा दीवाली सा नजारा, राम स्वरूप में बाबा ने दिए दर्शन
जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बुधवार को अयोध्या स्थित राम मंदिर में शुभ मुहूर्तके अनुसार भूमिपूजन किया, वैसे ही देशभर में जश्न का माहौल दिखाई देने लगा। मानों जैसे करीब 492 साल से मंदिर बनने का सपना देखने वाले रामभक्तों की सभी मुरादें पूरी हो गईं। देशभर के सभी छोटे-बड़े मंदिरों और अनेक घरों में दीप जलाकर जश्न मनाया गया। इसी कड़ी में उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में बुधवार को एक खास तरह की रौनक देखने को मिली। ये वही रौनक थी जो हर साल दीवाली के मौके पर यहां दिखाई देती है। खास बात ये रही कि, यहां महाकालेश्वर का भांग से पहले राम के रूप में श्रृंगार किया गया। फिर नंदी हाल में दीपक जलाकर गुलाब की पंखुड़ियों से जय श्री राम लिखकर सजाया गया।
बाबा महाकाल का किया गया रामरूपी श्रृंगार
करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर में पूजा पाठ हुए। महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का भांग से किया गया श्रृंगार राजा राम के रूप में देखने को मिला। महाकाल मंदिर में होने वाली संध्या कालीन आरती में महाकाल राम के रूप में नजर आए और मंदिर में नंदी हाल को दिवाली की तरह सजाया गया। वहीं, नंदी हाल में गुलाब के फूल और दीपक से जय श्री राम लिखकर दिवाली की तर्ज पर इस खास दिन को मनाया गया।
राजगढ़ में 21 किलो रंगों से बनाई श्री राम की रंगोली
धार जिले के राजगढ़ स्थित न्यू बस स्टैंड पर मांगीलाल यादव, मुकेश माहेश्वरी, राजा सेठिया, रमेश राजपूत के नेतृत्व मे श्रीराम भक्तों के सहयोग से 25 बाई 25 फीट की भव्य रंगोली बनाई गई। भगवान राम के इस रूप को पिपरनी के रवि परिहार और निलेश गेहलोत ने आकार दिया। रंगाेली में 5100 दीप प्रज्जवलित किए गए। शाम को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ढोल, ताशे की धुन पर भगवान राम की आरती की गई। रंगोली के मुख्य कलाकार निलेश गेहलोत के मुताबिक, रंगोली को बनाने में 11 तरह के रंगों का इस्तेमाल किया गया है।