- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
लॉकडाउन की छुट्टी, लोग पिकनिक पर:सड़कों पर निकले शहरवासी
शहर में लगातार दो दिनों से जारी बारिश का दौर रविवार को हल्का पड़ गया। हल्की-फुल्की फुहारों के रूप में हुई बारिश के बीच लोग शिप्रा और गंभीर में बाढ़ देखने निकल पड़े। रविवार का लॉकडाउन भी उन्हें पर्यटन स्थलों पर जाने से नहीं रोक पाया।
रातभर में आधा इंच से अधिक बारिश हुई। हालांकि दिन में अधिकांश समय केवल बूंदाबांदी और फुहारें गिरती रही। शहर में दिनभर तेज बारिश नहीं होने के बावजूद शिप्रा नदी में बाढ़ का नजारा बना रहा। गंभीर डेम भी लबालब चल रहा है। रविवार शाम तक भी डेम में पानी की आवक बनी हुई थी। शाम तक भी एक गेट 25 सेंटीमीटर तक खुला रखा गया।
शहर में शनिवार को एक ही दिन में लगभग सात इंच बारिश दर्ज हुई थी। रातभर में 13.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। बंगाल की खाड़ी से सक्रिय होकर आया सिस्टम अब गुजरात और राजस्थान की ओर आगे बढ़ गया है। जिससे अगले तीन-चार दिनों तक अब केवल हल्की बारिश होने के आसार हैं। शहर में अब तक 27.52 इंच बारिश हो चुकी है।
लॉकडाउन और डिस्टेंसिंग को ठेंगा
शिप्रा के हर पुल पर बाढ़ देखने वालों की भीड़ थी। गंभीर डेम, कालियादेह महल, त्रिवेणी, गऊघाट, मंगलनाथ पर मजमा लगा था। रविवार के लॉकडाउन को ठेंगा दिखाते हुए लोग भीड़ लगाकर बाढ़ का आनंद ले रहे थे। उनके बीच सोशल डिस्टेंसिंग भी नहीं थी। मास्क भी कम ही लोग लगाए थे। कोरोना संक्रमण के चलते यह सब प्रतिबंध लागू है लेकिन इनका पालन कराने के लिए न पुलिस थी न प्रशासन।
50 परिवार हुए कैद, पीने के पानी तक को तरसे, औद्योगिक क्षेत्र के रास्ते डूबे
बारिश ने सिस्टम की पाेल खोल दी। नाले चौक होकर उफन गए। बस्तियों में पानी भर गया। बारिश के बावजूद लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिला। उद्योगपुरी में कारखानों के पहुंच मार्ग या तो जलमग्न हो गए या इतने जर्जर हो गए कि उनमें से निकलना खतरे से खाली नहीं रहा। भास्कर टीम शहर के ऐसे क्षेत्रों में पहुंची जहां बारिश का सबसे ज्यादा असर हुआ है।
उद्योगपुरी : रास्ते पर 3 फीट पानी, दिनभर निकालते रहे
सबसे ज्यादा कारखाने मक्सी रोड उद्योगपुरी में हैं। सबसे ज्यादा परेशानी भी यहीं हो रही है। उद्योगपति निलेश चंदन ने कहा-कारखानों के पहुंच मार्गों पर 3 फीट तक पानी है। सड़कें उखड़ गई हैं। अजय जैन बोले-जो श्रमिक आए, उनसे उद्योगों के परिसर में भरा पानी निकलवाया।
शहर : सड़क उखड़ गई, यहां-वहां फैली गिट्टी-चुरी
चामुंडा चौराहा, देवास रोड, नागझिरी, आगर रोड, मक्सी रोड पर गड्ढे हो गए हैं। फ्रीगंज में टावर, ग्रांड होटल के सामने भी डामर की परत उखड़ गई है। केडी गेट, रामप्रसाद भार्गव मार्ग, निकास चौराहा, फाजलपुरा, इंदिरा नगर, अंकपात मार्ग की सड़क पर चुरी बिखरने लगी है।