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उज्जैन:शा. माधवनगर हास्पिटल की कोरोना टेस्टिंग पर शंका की सुई..!
सिम्प्टोमेटिक होकर वापस आ रहे निगेटिव मरीज, टेस्ट में इस्तेमाल हो रहे रिएजेंट पर संदेह
उज्जैन। कोरोना संदिग्धों के स्वाब की जांच के लिए सबसे पहले अहमदाबाद की सुप्रो लेब में नमूना भेजा जाता था। बाद में आर डी गार्डी मेडिकल कॉलेज में लैब खुलने के बाद वहां सेम्पल जाने लगे। इसके बाद शा.माधवनगर में ट्रृ नेट मशीन आने के बाद यहां भी आपातकालीन जांच होने लगी।
शासकीय माधवनगर हास्पिटल की लेब में कोरोना संदिग्धों के स्वाब के नमूनों की जांच को लेकर अब शंका की सुई उठने लगी है। इस बात को लेकर यहां का स्टॉफ भी अंदर ही अंदर चर्चारत है कि कहीं न कहीं उपयोग में लिया जाने वाला रिएजेंट ही इसका मुख्य कारण है।
सूत्रों का दावा है कि ट्रू नेट मशीन से होने वाली जांचों को लेकर इसलिए शंका हो रही है क्योंकि जिनकी जांच होती है, वे निगेटिव्ह आते हैं। एक सप्ताह के भीतर ही वे पाजीटिव्ह आ जाते हैं। सिम्प्टोमेटिक लक्षण के साथ जब वे उपचार के लिए आते हैं तो उनकी हालत काफी खराब रहती है। इसलिए मांग भी उठ रही है कि रिएजेंट की जांच करवाई जाए,या फिर स्वाब के नमूने दो लिए जाएं और दो अलग-अलग लेब में जांच के लिए भेजे जाएं। ताकि मरीजों का नुकसान न हो।
देखें कल का ही उदाहरण…
आरडी गार्डी में सेम्पल गए 230, पॉजीटिव आए 50
शासकीय माधवनगर हास्पिटल में सेम्पल गए 58, पॉजीटिव आए 06
शासकीय माधवनगर हास्पिटल में जो जांचें हुई वे आपातकालीन तो थी ही कोरोना संदिग्ध होने के नाते ही हुुई। आशंका है कि इनमें से जितने निगेटिव्ह आए,उनका कुछ प्रतिशत आने वाले दिनों में सिम्प्टोमेटिक होकर पॉजीटिव आ जाएं? इस बात से कुछ चिकित्सक भी सहमति जाता रहे हैं ।