- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उज्जैन:न्यू इंद्रानगर में 8 वर्ष के बालक की हत्या घर की ही दूसरी मंजिल से मिली लाश
किराएदार के बिस्तरों में दबा था शव, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना
उज्जैन। न्यू इंद्रा नगर थाना नीलगंगा में रहने वाला 8 वर्षीय बालक बीती शाम से लापता हो गया। रात करीब 8 बजे मां ने नीलगंगा थाने पहुंचकर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। रात भर से पुलिस बालक की तलाश में जुटी रही। सुबह उसी बालक के मकान की दूसरी मंजिल पर रहने वाले किरायेदार के कमरे की तलाश की तो बिस्तरों के नीचे अधजली बालक की लाश बरामद हुई। पुलिस ने शव बरामद कर पीएम के लिये जिला चिकित्सालय पहुंचाया साथ ही किरायेदार की तलाश शुरू की गई है।
कृष्णा पिता मुकेश प्रजापत 8 वर्ष निवासी न्यू इंद्रा नगर की मां ने बताया कि उनका बेटा घर के आंगन में शाम तक खेल रहा था उसके भाई बहन भी घर में ही थे। घर में स्थित दुर्गाजी के मंदिर में पूजन के बाद कृष्णा को तलाश किया लेकिन वह नहीं मिला तो सोचा कि माताजी के पंडाल में कहीं गरबा देखने गया होगा, लेकिन रात 8 बजे तक जब कृष्णा घर नहीं आया तो नीलगंगा थाने पहुंचकर अपहरण की रिपोर्ट लिखा।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत अलग-अलग टीमों को कृष्णा की तलाश में जुटाया। रात भर न्यू इंद्रानगर से लेकर नानाखेड़ा व आसपास के क्षेत्रों में बालक की तलाश होती रही लेकिन सुबह 9 बजे तक उसका कोई सुराग हाथ नहीं लगा। हताश होकर पुलिस टीमें पुन: कृष्णा के घर आईं और मकान की दूसरी मंजिल पर स्थित कमरे में किराये से रहने वाले विजय सुनील निवासी खाचरौद के कमरे की तलाशी ली। बिस्तर व अन्य सामान उथल पुथल किये तो बिस्तरों के नीचे अधजला कृष्णा का शव बरामद हुआ।
डेढ़ वर्ष से किरायेदार है सुनील: मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सुनील किसी फैक्ट्री में काम करता है वह मूल रूप से खाचरौद का रहने वाला है और पिछले डेढ़ वर्षों से मुकेश प्रजापत के यहां कमरा किराये से लेकर रह रहा था, लेकिन कल शाम से ही सुनील का कोई पता नहीं है। पुलिस द्वारा मोबाइल के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की गई जो चंदूखेड़ी की आ रही थी। नीलगंगा थाने की पुलिस टीमें चंदूखेड़ी के लिये रवाना हुई है।
पिता पैरों से अपंग, दादा भी बीमार: मुकेश प्रजापत के तीन बच्चे हैं, सबसे बड़े बेटी उसके बाद कृष्णा और इससे छोटा एक पुत्र है। मुकेश प्रजापत दोनों पैरों से अपंग हैं और कृष्णा के दादा भी बीमार पलंग पर रहते हैं। घर में छोटी किराने की दुकान है व सुनील के अलावा एक दंपत्ति और भी किराये से इसी मकान में रहते हैं।