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उम्मीदों को मिली जिंदगी:पति-पत्नी संक्रमित, ऑक्सीजन पर बिताया समय
जिद के आगे ही जीत है, चाहे जिद जिंदगी से लड़ने की हाे या माैत काे मात देने की। अगर जिद है तो आपकी जीत पक्की है। ऐसा ही एक जिद की वास्तविक घटना सामने आई है, जिसमें परिवार की जिद और डॉक्टरों की काेशिश ने काेराेना काे हराकर संघर्षाें के बीच नवजात का जन्म करवाया। शहर की बेटी निशिका पाेरवाल की शादी इंदाैर निवासी नितिन पाेरवाल से हुई है। अप्रैल की शुरुआत में नितिन संक्रमित हुए।
जब वह ठीक हाेकर घर लाैटे ताे निशिका भी कोरोना की चपेट में आ गई, जबकि निशिका गर्भवती थी। ऐसे में डॉक्टरों के सामने निशिका या नवजात में से किसी एक काे बचाने की स्थिति बनी। डॉक्टरों की काेशिश और निशिका के संघर्ष का नतीजा रहा कि निशिका स्वस्थ हैं और एक फूल-सी बेटी काे जन्म दिया है। अच्छी बात यह रही कि नवजात बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है।
पति-पत्नी संक्रमित, ऑक्सीजन पर
निशिका की माता सपना पाेरवाल और चाचा टीटी पाेरवाल ने बताया सबसे पहले दामाद नितिन काेराेना संक्रमण की चपेट में आए। 15 दिन उनका उपचार चला और वह स्वस्थ हाेकर घर लाैटे ताे गर्भवती निशिका संक्रमित हाे गई। दाे दिन घर पर ही उसका उपचार चला, लेकिन हालात सुधरे नहीं। जब ऑक्सीजन लेवल कम हुआ ताे उन्हें अरविंदाे अस्पताल इंदौर में भर्ती कराया। इधर, नवजात की जान पर भी खतरा मंडराता जा रहा था, लेकिन निशिका संघर्ष कर रही थी।