- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
जिंदगी टोकन पर है…:अब माधवनगर में नंबर मिल रहा, ओपीडी में वेटिंग
कोविड हॉस्पिटल माधवनगर में टोकन सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत मरीजों को नंबर दे दिए जाएंगे। बेड खाली होने की स्थिति में मरीज को वार्ड में भर्ती किया जाएगा। उसके पहले तक मरीजों को माधवनगर की ओपीडी में भर्ती रखा जाएगा। यहां पर करीब 25-30 मरीज वेटिंग में हैं, जिन्हें ओपीडी में रखकर ऑक्सीजन लगाई गई है। मरीजों को सीधे वार्ड में या आईसीयू में भर्ती नहीं किया जा रहा है, क्योंकि वार्ड में बेड भरे हुए हैं, बेड खाली होने पर वेटिंग के आधार पर मरीजों को वार्ड में भर्ती किया जाता है। यहां 15 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सपोर्ट बेड भी लगाए गए हैं। इनके साथ ही अब माधवनगर में कुल ऑक्सीजन बेड 181 हो गए हैं।
अब 181 बेड, लेकिन मरीज 170 से ज्यादा
कोविड हॉस्पिटल माधवनगर में अब कुल बेड 181 हो गए हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेड बढ़ाए गए हैं। अभी माधवनगर में 170 से ज्यादा मरीज हैं। इनके इलाज में कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ. एचपी सोनानिया, डॉ. सोनाली अग्रवाल व डॉ. संजीव कुमरावत रात-दिन लगे हैं।
नए ऑक्सीजन बेड पर प्राथमिकता के आधार पर भर्ती कर रहे
नए ऑक्सीजन बेड पर प्राथमिकता के आधार पर वेटिंग के मरीजों को एडमिट किया गया है। मरीजों के बढ़ने से अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड की समस्या हो गई है, इसलिए मरीजों को कोविड हॉस्पिटल भर्ती करने में परेशानी हो रही है। आईसीयू के भी सभी बेड भर गए हैं। ऐसे में माधवनगर आने वाले मरीजों को पहले ओपीडी में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया जाता है। जिन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, उन्हें ऑक्सीजन लगाई जाती है। हालांकि अब यहां भी जगह नहीं है।
पूरा फ्लोर मरीजों से भरा हुआ है। बढ़ते मरीजों को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने टोकन सिस्टम लागू किया है। ओपीडी में भर्ती मरीजों को टोकन दिया जाता है, जिसमें नंबर लिखा होता है। मरीजों के हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने पर बेड खाली होने की स्थिति में क्रमवार मरीजों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। आईसीयू में भी बेड खाली होने पर यहां गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाता है।
सुविधा की दृष्टि से टोकन सिस्टम लागू किया गया है
अस्पताल में टोकन सिस्टम लागू किया है। जिसमें मरीज को नंबर दे दिया जाता है। वार्ड में बेड खाली होने पर नंबर के आधार पर मरीजों को वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है। इससे व्यवस्था बनाने में सुविधा हुई है।
– डॉ. एचपी सोनानिया, नोडल अधिकारी, कोविड-19