- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार: उज्जैन में घाटों पर उतरी प्रशासनिक टीम, भीड़ प्रबंधन पर सबसे ज्यादा जोर
- सिंहस्थ से पहले उज्जैन में दिखने लगा कुंभ जैसा आध्यात्मिक वातावरण, पंच धूनी तप में लीन हुए टाटम्बरी सरकार; धधकते कंडों के बीच कर रहे तप
- उज्जैन संभाग बन रहा देश का नया फूड प्रोसेसिंग पावरहाउस, 7300 करोड़ से ज्यादा निवेश से बदली औद्योगिक तस्वीर
- महाकाल मंदिर में भोर की भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद ड्रायफ्रूट और भांग-चंदन से हुआ बाबा का दिव्य श्रृंगार
- महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत: दर्शन मार्गों पर बन रहा हीट प्रूफ पाथ-वे, तपती जमीन से मिलेगी सुरक्षा
शरद पूर्णिमा पर कई आयोजन:महाकाल मंदिर में दूध वितरण, कोटेश्वर महादेव मंदिर में साढ़े पांच बजे पूजा
आज शरद पूर्णिमा पर शहर में कई आयोजन होंगे। सबसे प्रमुख आयोजन महाकाल मंदिर में होगा। यहां शाम की आरती के बाद भगवान महाकाल को केसरिया दूध का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद यह दूध श्रद्धालुओं को वितरित किया जाएगा। हालांकि बुधवार सुबह भस्म आरती के बाद भी भगवान महाकाल को 56 भोग और केसरिया दूध का भोग लगाया गया।
इतना ही नहीं कई जगहों पर खीर की प्रसाद का वितरण भी किया जाएगा। शाम 5.30 बजे महाकाल मंदिर परिसर में बने कोटेश्वर महादेव की विशेष पूजा की गई। वहीं पीर मत्स्येंद्रनाथ की समाधि पर चादर चढ़ाई जाएगी।
इधर, इंदिरा नगर में डॉ. प्रकाश जोशी ने श्वांस रोगियों को औषधि युक्त खीर का वितरण किया। यह प्रसाद लेने के लिए उज्जैन के अलावा दूर-दराज से लोग आए थे। पूरी रात भजन-पूजन के बाद खीर प्रसाद का वितरण किया गया। डॉ. जोशी ने कहा खीर खाने के बाद सभी को सौ से पांच सौ कदम पैदल भी चलाया गया।
आज रात्रि जागरण का भी विशेष महत्व है इसलिए पूरी रात भजन व पूजा अर्चना के आयोजन चलते रहे। डॉ. जोशी ने कहा कि इस दौरान दमे से बचाव के लिए कुछ महिलाओं का कर्णभेदन संस्कार भी किया गया।