- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
महाकाल मंदिर भस्मआरती बुकिंग में नई व्यवस्था
नि:शक्त, वृद्ध को दर्शन के लिए नि: शुल्क प्रवेश मिलेगा
आवेदन का अधिकारी करेंगे वेरिफिकेशन, फिर अनुमति
उज्जैन।भगवान महाकाल की भस्मआरती की ऑफलाइन अनुमति का गोरखधंधा रोकने के लिए बुकिंग में नई व्यवस्था की गई है। इसके तहत आवेदन का मंदिर प्रबंध समिति के अधिकारियों द्वारा वेरिफिकेशन किए जाने के बाद ही अनुमति जारी होगी। महाकाल मंदिर में असहाय, वृद्ध, व दिव्यांगों को अब वीआईपी द्वार से नि:शुल्क दर्शन होंगे।
महाकाल मंदिर में भस्मआरती की अनुमति को लेकर मनमानी और अनियमितिता को रोकने के लिए प्रबंध समिति ने ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था में बदलाव किया है। इसके बाद भस्मआरती की परमिशन के लिए दो अधिकारी नियुक्त किए हैं, जो आवेदनों का परीक्षण करने के बाद ही परमिशन जारी करेंगे। इसकी जिम्मेदारी पूर्णिमा सिंघी और आरके तिवारी को दी गई है। इनका लिंक अधिकारी मूलचंद जूनवाल, प्रतीक द्विवेदी को बनाया गया है। यह अधिकारी अब आवेदन के परीक्षण के बाद अनुमति जारी करेंगे।
असहाय, वृद्ध और दिव्यांग दर्शनार्थियों को नि:शुल्क प्रवेश: मंदिर प्रबंध समिति ने दर्शन के लिए आने वाले असहाय, वृद्ध एवं दिव्यांगजनों के लिए नि:शुल्क दर्शन की व्यवस्था की है। नई व्यवस्था के तहत 4 नंबर गेट के अभिषेक काउंटर पर परिचय पत्र, आधारकार्ड, दिव्यांग सर्टिफिकेट दिखाकर सुविधा का लाभ ले सकते हैं। यहीं पर नि:शुल्क व्हील चेयर की सुविधा भी रहेगी। इससे बीमार, वृद्ध और दिव्यांगजनों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। वे आसानी से दर्शन कर सकेंगे।
भीड़ अधिक होने पर गर्भगृह में प्रवेश नहीं
सामान्य दर्शनार्थियों के लिए भीड़ की स्थिति को देखते हुए गर्भगृह से दर्शन की व्यवस्था की जा रही है। भीड़ अधिक होने पर गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। गर्भगृह में किसी भी प्रकार की पूजन सामग्री, फूल-प्रसाद या दूध ले जाने पर प्रतिबंध है। गर्भगृह में प्रवेश बंद के दौरान 1500 रुपए की रसीद पर 2 श्रद्धालु, लघु रुद्र की रसीद पर 3 श्रद्धालु और महारुद्र की रसीद पर 5 श्रद्धालु गर्भगृह से दर्शन व जल अर्पित कर सकेंगे।