- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
- महाकाल दरबार पहुंचे सुनील शेट्टी, परिवार के साथ शांत माहौल में किए दर्शन; Border-2 की सफलता के लिए मांगा आशीर्वाद
- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
शनि प्रदोष पर 11 पंडितों ने किया भगवान महाकाल का रुद्राभिषेक .
उज्जैन। ब्यूरो। आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की शनि प्रदोष पर शनिवार को ज्योतिर्लिंग महाकाल में विशेष उत्सव मना। पं.घनश्याम पुजारी के आचार्यत्व में 11 पंडितों ने भगवान महाकाल का रुद्राभिषेक किया। मंदिर मे आकर्षक पुष्प सज्जा की गई थी। राजाधिराज के दर्शन को भक्त उमड़े।
पं. महेश पुजारी ने बताया कि प्रदोष पर भगवान महाकाल उपवास रखते हैं। इसमें शनि प्रदोष का विशेष महत्व रहता है। मंदिर की परंपरा और धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिवार सुबह भगवान को भोग आरती में नैवेद्य की जगह शकर का फलाहार कराया गया।
शाम को 11 पंडितों ने भगवान का रुद्राभिषेक किया। पश्चात संध्या आरती में भगवान को नैवेद्य लगा। आम दिनों में सुबह भोग आरती में भगवान को नैवेद्य लगाया जाता है।