- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
नई बीमारी:उज्जैन में टोमेटो फ्लू…वायरस के एक्टिव होने से बच्चों में फैल रहा इसका संक्रमण
जिले में बच्चों में टोमेटो फ्लू का खतरा बढ़ गया है, जिसमें 10 साल तक के बच्चों में यह बीमारी पाई जा रही है। सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में हर रोज दो से तीन मरीज सामने आ रहे हैं, जिनके शरीर पर दाने उभर रहे हैं।
कॉक्ससैकी वायरस के एक्टिव होने से यह संक्रमण फैल रहा है। बच्चों में वायरल फीवर के साथ में शरीर में दर्द, सिर दर्द, 5 से 6 दिन तक खांसी बनी रहती है। 7 दिन बाद फिर से टोमेटो फ्लू रिपिट हो रहा है। इसमें ठंड लगकर बुखार आ रहा है। वायरल का ऐसा असर पाया जा रहा है कि बच्चों में कमजोरी ज्यादा दिनों तक देखी जा रही है।
उज्जैन जिले में वर्तमान में इसके ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दुर्गेश माहेश्वरी का कहना है कि वायरस के एक्टिव होने से बच्चों में यह बीमारी पाई जा रही है। हैंड फूड एंड माउथ डिजीज को विशेषज्ञों ने टोमेटो फ्लू नाम दिया है, क्योंकि बच्चों के शरीर में लाल टमाटर की तरह फफोले हो रहे हैं।
केंद्र सरकार ने भी एडवाइजरी जारी की है। इसमें 10 साल के बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए कहा है। बीमारी के लक्षण पाए जाने पर पूर्ण इलाज दिए जाने के आदेश दिए हैं ताकि समय पर बीमारी का नियंत्रण किया जा सके। केस सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है।
शरीर पर लाल टमाटर की तरह फफोले हो जाते
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि राठौर का कहना है यह वायरल इंफेक्शन है, जिसमें बच्चों में थकान, उल्टी-दस्त, बुखार, डि-हाईड्रेशन, जोड़ों में दर्द या सूजन व शरीर में दर्द बने रहना इसके प्रमुख लक्षण हैं। बच्चों के शरीर में फफोले हो रहे हैं, जो कि लाल टमाटर की तरह दिखते हैं। स्किन पर जलन भी होने लगती है। शुरुआत में बुखार के एक-दो दिन बाद छोटे लाल धब्बे दिखाई देने लगते हैं।
ऐसे फैल रहा संक्रमण
बीमारी के फैलने का प्रमुख कारण वायरस के एक्टिव होने के साथ ही मुंह की लार या मरीज के कांटेक्ट में अाना है। यानी एक मरीज से दूसरे लोग संक्रमित हो रहे हैं। इसमें घर में या स्कूल में एक बच्चे को यह बीमारी हाेती है तो दूसरे बच्चे भी बीमारी का शिकार हो सकते हैं। उज्जैन में मरीजों को ठीक होने में करीब सात दिन का समय लग रहा है। 10 साल से छोटे बच्चों में यह बीमारी देखी जा रही है।
कॉक्ससैकी से हो रही बीमारी
कॉक्ससैकी वायरस के एक्टिव होने से यह संक्रमण फैल रहा है। बच्चों में वायरल फीवर, के साथ में शरीर में दर्द, सिर दर्द, 5 से 6 दिन तक खांसी बनी रह रही है। 7 दिन बाद फिर से टोमेटो फ्लू रिपिट हो रहा है।