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हनुमान अष्टमी पर हनुमान मंदिरों में उमड़ी भीड़:रामदूत के जयकारों से गूंजे मंदिर, सुंदरकांड के पाठ के साथ धार्मिक आयोजन हुए
उज्जैन। महाकाल की नगरी में शुक्रवार को भगवान हनुमान महाराज का डंका गूंज रहा है। पुष्पों से सजे मंदिरों से सुंदर कांड और हनुमान चालिसा की चौपाईयों के साथ ही अखंड रामायण पाठ की ध्वनी भी सुनाई दे रही है। भारत में केवल उज्जैन नगर में ही हनुमान अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। लिहाजा पर्व को लेकर हनुमान भक्तों में उत्साह देखा गया।
स्कंदपुराण के अवंतिका खंड में उल्लेख भी मिलता है कि नगर की चारों दिशाओं की रक्षा करने के लिए हनुमान मंदिरों की स्थापना हुई थी। इसलिए यहां 108 हनुमान मंदिर हैं। यही वजह है कि हनुमान अष्टमी का पर्व केवल उज्जैन में ही मनाए जाने की परंपरा है। महाकाल की नगरी में रुद्र स्वरूप में भगवान हनुमान भी विराजमान है। मलमास के साथ यह महीना धनु संक्रांति का भी माना गया है। साथ ही सूर्य की साधना भी इस महीने में करने का विशेष महत्व है। इसी महीने में संयोग से हनुमान अष्टमी भी आती है। यहां पर 108 हनुमान यात्रा का विधान है। जो शक्ति का अंश मानकर की जाती है। इससे मानसिक, शारीरिक कष्ट दूर होते हैं।
सुबह से मंदिरों में भीड़ उमड़ी
हनुमान अष्टमी के पर्व पर शुक्रवार को सुबह से ही हनुमान भक्तों की भीड़ मंदिर में दर्शन के लिए लगी रही। पुष्प सज्जा से सजे मंदिरों में धार्मिक आयोजन के साथ पूजन-आरती के बाद प्रसाद वितरण का दौर चलता रहा। नगर में कई स्थानों पर भंडारे भी आयोजित हुए। महाकाल मंदिर परिसर स्थित बाबा बाल विजय मस्त हनुमान मंदिर में नौ दिवसीय हनुमान अष्टमी महोत्सव के तहत अखंड रामायण पाठ की पूर्णाहुति हुई। सुबह भोग आरती में बेसन लड्डुओं का महाभोग लगाया। दोपहर में अखंड रामायण की पूर्णाहुति और शाम को आरती के पश्चात प्रसाद वितरण होगा। गुमानन देव पीपलीनाका रोड स्थित बाबा गुमानन देव का आकर्षक किया गया। इसी तरह गेबी हनुमान मंदिर पर सुबह से भक्तों का तांता लगा रहा। यहां पर भगवान का आकर्षक श्रृंगार कर पूरे मंदिर को फलों से सजाया गया।