- उज्जैन में चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ: हरसिद्धि मंदिर में हुई घट स्थापना, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़!
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए गायक विशाल मिश्रा, नववर्ष कार्यक्रम से पहले लिया आशीर्वाद
- गुड़ी पड़वा पर उज्जैन में नववर्ष का हुआ भव्य आगाज: शिप्रा किनारे जुटी हजारों की भीड़, महाकाल मंदिर में वैदिक मंत्रों के बीच होगा ध्वजारोहण; दोपहर में CM करेंगे विकास कार्यों का लोकार्पण
- तड़के भस्म आरती में उमड़ी भीड़: गुड़ी पड़वा पर बाबा महाकाल ने दिव्य रूप में दिए दर्शन, ‘जय श्री महाकाल’ से गूंजा मंदिर
- उज्जैन में गूंजेगा “नववर्ष का शंखनाद”, गुड़ी पड़वा पर महाकाल मंदिर में लहराएगा ब्रह्मध्वज
इस्कॉन मंदिर
सन 2006 में सफेद संगमरमर से बना यह मंदिर काफी भव्य है। यहाँ मुरली मनोहर और उनकी प्रेमिका राधा की बेहद खूबसूरत प्रतिमा है। इसके अलावा कृष्ण-बलराम और कृष्ण-रुक्मिणी की मूर्तियाँ भी बरबस आपका ध्यान आकर्षित कर लेती हैं। इस मंदिर की रूपरेखा और इस्कॉन मंदिर के प्रवर्तक पूज्यपाद गुरुजी की मनोहारी मूर्ति भी यहाँ स्थापित की गई है। हर इस्कॉन मंदिर की तरह यहाँ तुलसी बगीचा है, जिससे तुलसी की माला बनाई जाती है। इसके साथ ही मंदिर की छत पर कमल के फूल के ऊपर रासलीला में लीन श्रीकृष्ण और राधारानी का अद्भुत चित्रांकन है।
मंदिर की अपनी विशाल धर्मशाला है। यहाँ का नियम है कि यहाँ के सदस्य दस हजार रुपए जमा करवाने के बाद दुनियाभर के किसी भी मंदिर में साल में एक बार दो दिन के लिए रुक सकते हैं। इस दौरान अनुयायियों को सात्विक भोजन परोसा जाता है। इन सभी मंदिरों की खासियत यह है कि इनकी बनावट से लेकर आंतरिक संरचना तक को एक समान रखने की कोशिश की जाती है। आप दुनिया के किसी भी इस्कॉन मंदिर में जाएँ आपको यहाँ बेहद अपनापन महसूस होगा। इन सभी खासियतों के कारण इस्कॉन के प्रति देश-दुनिया के लोगों में अगाध श्रद्धा है।