- 40° के पार तापमान, फिर भी नहीं थमी आस्था: महाकाल में रोज 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु; पहली बार महाकाल लोक में शुरू हुआ फोगिंग सिस्टम
- उज्जैन की 5 माह की बच्ची SMA-1 से जूझ रही: 15 करोड़ के इंजेक्शन के लिए जंग, सोनू सूद ने बढ़ाया हाथ; भोपाल एम्स में चल रहा इलाज
- 15 साल पहले खत्म हो चुकी थी लीज; हाईकोर्ट से स्टे हटते ही UDA का एक्शन, बेगमबाग में 5 मकान तोड़े; अब तक 30 से ज्यादा निर्माण हटाए जा चुके
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: स्वस्ति वाचन के बाद खुले पट, पंचामृत अभिषेक के बाद पुष्पों से दिव्य श्रृंगार
- सप्तसागर विकास को गति देने के निर्देश: निगम आयुक्त ने चार प्रमुख जलाशयों का किया निरीक्षण, गहरीकरण-सौंदर्यीकरण पर जोर
उज्जैन में वन विभाग की टीम पर हमला:रेंजर घायल, चार वन कर्मियों ने भागकर बचाई जान
उज्जैन में वृक्षारोपण के लिए मंगलवार को वन विभाग की टीम जमीन देखने देवीखेड़ी गई थी। इस दौरान वन विभाग की टीम पर सरकारी जमीन पर कब्ज़ा किए ग्रामीणों ने हमला कर दिया, जिसमें वन विभाग के रेंजर घायल हो गए। विभाग ने थाना माकड़ौन पुलिस ने रेंजर की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ग्रामीणों के हमले का लाइव वीडियो भी सामने आया है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी वन मण्डल तराना के रेंजर राकेश गोनेकर विभाग के 5 अन्य कर्मचारियों वनरक्षक नीरज उज्जैनी, कालूसिंह चौहान, लोकेश राठौर व साजिद खान के साथ बीटU-8 उमराझार वन क्षेत्र में बारिश से पहले वृक्षारोपण के लिए जमीन देखने के उद्देश्य से भ्रमण के लिये गये थे। राकेश गोनेकर ने पुलिस को बताया कि पेड़ पौधे लगाने के उद्देश्य से वर्षा पूर्व स्थान देखना था।
देवीखेड़ा गांव में भ्रमण करने के दौरान ही गुर्जर समाज के लोगों द्वारा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की जानकारी मिली जिस पर उनसे बातचीत करनी चाही लेकिन उसी दौरान ग्राम देवीखेड़ा निवासी बद्री पिता बापू, रामेश्वर पिता बद्री, दशरथ पिता बद्री, कमल पिता थावर ने मौके पर आकर गाली – गलौच करते हुए पथराव कर दिया। जिससे रेंजर राकेश गोनेकर घायल हो गए उनकी टीम के सदस्य जान बचाकर वहां से भागे और माकड़ोन थाने पहुंचे। टीआई केके तिवारी के मुताबिक रेंजर राकेश की रिपोर्ट पर 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
घटना का वीडियो वन विभाग की टीम ने बनाया
ग्रामीणों द्वारा किये गए हमले से पहले वन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें समझाया लेकिन वे नहीं माने। जिसके बाद अधिकारियों ने पुरे घटना का वीडियो बना लिया जिसमे आरोपी पथराव करते नजर आ रहे है। वन विभाग को क्षेत्र में अतिक्रमण की शिकायत मिली थी। थाना प्रभारी केके तिवारी ने बताया कि रोपियों की तलाश की जा रही है।
चारों के विरुद्ध मामले को गंभीरता से लेते हुए रेंजर राकेश की रिपोर्ट पर चारों आरोपी बद्री, रामेश्वर, कमल व दशरथ के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा 353, 332, 186, 189, 294, 506, 34 की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जल्द ही गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया जाएगा। प्राथमिक उपचार के बाद रेंजर को डिसचार्ज कर दिया गया है।
सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है
पुलिस ने बताया कि देवीखेड़ा और उमराझर क्षेत्र के लोगों द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर वहां खेती की जा रही है। 6 माह पहले वन विभाग द्वारा नोटिस देकर जगह खाली करने की सूचना दी थी, लेकिन लोगों ने अभी तक अपना अवैध कब्जा नहीं हटाया है।