- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
मकर संक्रांति पर स्नान की तैयारी, उज्जैन के रामघाट तक नहीं पहुंचा नर्मदा का पानी
उज्जैन। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने मंगलवार सुबह रामघाट पहुंचकर शिप्रा के जल से आचमन किया। यहां अब तक नर्मदा का पानी नहीं पहुंचने पर जल संसाधन विभाग के अधिकारी के प्रति नाराजगी जताई। कहा कि नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण से बात करें, आवश्यक हो तो नर्मदा पाइपलाइन से फ्लो बढ़ावाएं। उन्होंने कान्ह और शिप्रा नदी पर बने स्टाप डैम का निरीक्षण कर डैम का बेहतर रखरखाव करने के निर्देश भी दिए।
जूना निनौरा के ग्रामीणों ने कलेक्टर को अवगत कराया कि स्टाप डैम वर्ष 2014-15 में बनाया था। इसकी देखभाल समय पर अधिकारियों द्वारा नहीं की जाती है। इस पर कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस संबंध में उचित कार्यवाही कर स्टापडेम का रख-रखाव कराया जाएगा। कलेक्टर ने पिपल्याराघौ गांव पहुंचकर कान्ह नदी पर बने छोटे पाले का एवं खान डायवर्शन पाइपलाइन पाइंट का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने कलेक्टर को बताया कि इंदौर के सीवेज युक्त नालों के पानी से कान्ह नदी बनी है, जो उज्जैन आकर शिप्रा में मिलती है। कान्ह के गंदे पानी के उपचार के लिए कबीटखेड़ी में ट्रीटमेंट प्लांट लगा है, जहां से पानी उपचारित होकर उज्जैन तरफ छोड़ने की व्यवस्था है। रामवासा में भी कान्ह नदी पर स्टाप डैम बना है। कलेक्टर करोहन पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि तालाब ओवरफ्लो होने से बांध क्षतिग्रस्त हो रहा है। त्रिवेणी संगम पर कान्ह नदी के पानी को रोकने के लिए बन रहे कच्चे बांध का निरीक्षण किया।
शिप्रा में नदी का पानी छोड़ने की देखी व्यवस्था
त्रिवेणी श्मशान घाट के समीप शिप्रा नदी में बने स्टाप डैम और शिप्रा में नर्मदा का पानी छोड़ने की व्यवस्था देखी। अफसरों से कहा कि 15 जनवरी, मकर संक्रांति से पहले गऊघाट से रामघाट पर नर्मदा का जल भरना सुनिश्चित करें। उन्होंने हरिफाटक ओवरब्रिज के समीप राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना एमपीएस गऊघाट सीवेज पंप हाउस का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों ने बताया कि यहां शहर के नालों का गंदा पानी एकत्र कर पाइपलाइन द्वारा सदावल ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचाया जाता है।
गऊघाट भी पहुंचे
कलेक्टर ने गऊघाट स्टाप डैम का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि नर्मदा का पानी शिप्रा नदी में जो आ रहा है, वह पर्याप्त नहीं है। बहाव बढ़वाएं। निरीक्षण में जिला पंचायत सीईओ मृणाल मीना, नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक, एसडीएम उज्जैन ग्रामीण अर्थ जैन, एसडीएम कोठी महल एलएन गर्ग, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी साथ थे।