- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
वीडियो कॉलिंग से एक-दूसरे से की बात और बन गई मेहबूब व शानू की जोड़ी
उज्जैन । जावरा निवासी मेहबूब पैरों से विकलांग है। परिचय सम्मेलन में उसका रिश्ता पक्का नहीं हो पाया था। इसी बीच आशा कार्यकर्ता पार्वती कटारिया पर अफसरों ने दबाव बनाया कि आपकी तरफ से समारोह के लिए एक भी जोड़ा तैयार नहीं हुआ है। कटारिया की नजर में उज्जैन के विराट नगर की शानू थी। वह भी पैरों से विकलांग है। उसने शानू से व उसके परिजनों से रिश्ते की बात की। दो दिन पहले मोबाइल पर वीडियो कॉलिंग के जरिए शानू की बात मेहबूब से कराई और चंद मिनटों में दोनों व उनके परिजन रिश्ते के लिए राजी हो गए।
गुरुवार को इनके सहित ऐसे देशभर के 93 दिव्यांग जोड़ों ने 6-7 मार्च को होने वाले सर्व धर्म सामूहिक विवाह/निकाह समारोह के लिए पंजीयन करवाया। महाकाल प्रवचन हाल में विवाह की दृष्टि से इन दिव्यांगों को योजनाओं का लाभ देने व रोजगार से जोड़ने के लिए इनके दस्तावेज जांचे गए व सभी की अलग-अलग फाइलें बनाकर बैंकों में इनके खाते भी खोले गए। इस दौरान सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष दिवाकर नातू, कलेक्टर संकेत भोंडवे, सहकारिता उपायुक्त मनोज जायसवाल, कृषि उपज मंडी अध्यक्ष बहादुर सिंह बोरमुंडला, केशर सिंह पटेल आदि उपस्थित रहे।