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बोर्ड परीक्षा की अग्निपरीक्षा: 10वीं बोर्ड का इंग्लिश पेपर आज, सख्त निगरानी में परीक्षा केंद्र; 15 मार्च से शुरू हो सकती है कॉपी चेकिंग!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
सोमवार का दिन उज्जैन जिले के 23,842 छात्रों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा क्योंकि 10वीं बोर्ड का अंग्रेजी का पेपर होने जा रहा है। ऐसे में परीक्षा केंद्रों पर सख्ती अपने चरम पर है।
जानकारी के लिए बता दें, मध्य प्रदेश में एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा 27 फरवरी से शुरू हो गई है। परीक्षा की शुरुआत हिंदी विषय के पेपर से हुई थी और आज सोमवार को इंग्लिश का पेपर है। इसके अलावा 15 मार्च से कॉपियों का मूल्यांकन कार्य भी शुरू हो जाएगा। दरअसल, इस बार शिक्षा विभाग पूरी तेजी से काम कर रहा है ताकि परीक्षा खत्म होने के सिर्फ 10 दिनों में परिणाम घोषित कर दिए जाएं। माना जा रहा है कि अप्रैल के तीसरे सप्ताह में 10वीं और 12वीं के नतीजे जारी करने की तैयारी है।
वहीं, सोमवार को शिक्षा विभाग की टीम परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने जाएगी। एडीपीसी गिरीश तिवारी ने जानकारी दी कि इस बार बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन तेजी से किया जाएगा। साथ ही, कक्षा 9 और 11 के परिणाम भी तैयार हो चुके हैं। अंतिम चरण का कार्य चल रहा है। कोशिश की जाएगी कि 5 मार्च के बाद कलेक्टर के जरिए दोनों कक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए जाएं।
बता दें, परीक्षा तय गाइडलाइन के अनुसार आयोजित की जा रही है। परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। पूरे प्रदेश में 9 लाख 53 हजार छात्र शामिल होंगे। वहीं नकल रोकने के लिए इस बार सख्त नियम भी बनाए गए हैं।
इस बार परीक्षा केंद्रों के बाहर लोहे की एक पेटी रखी गई है, जिसे ‘ईमानदारी की पेटी’ नाम दिया गया है और इसमें छात्रों को खुद से नकल सामग्री डालने के लिए कहा गया है। दरअसल, परीक्षा में नकल पर लगाम कसने के लिए बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर लोहे की पेटियां रखवाई हैं, जिन पर लिखा होगा – “यह पेटी स्वेच्छा से नकल सामग्री परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले जमा करने के लिए रखी गई है।” छात्र चाहें तो इसमें अपनी गाइड, चिट या कोई भी नकल सामग्री डाल सकते हैं, लेकिन यदि कोई परीक्षा कक्ष में नकल के साथ पकड़ा गया, तो उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
इतना ही नहीं, बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अगर किसी छात्र की उत्तर पुस्तिका की सिलाई उखड़ी मिली, तो इसे नकल की श्रेणी में माना जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी। यानी सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि हर कदम पर सावधानी जरूरी है।
गौरतलब है कि 25 फरवरी से 12वीं बोर्ड परीक्षा का आगाज हो चुका है। इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में 9 लाख 53 हजार 777 विद्यार्थी और हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) परीक्षा में 7 लाख 6 हजार 475 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। कुल मिलाकर, परीक्षार्थियों की संख्या 16 लाख 60 हजार 252 है। बोर्ड परीक्षा के आयोजन के लिए पूरे प्रदेश में 3,887 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं।