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अपने गुरु के घर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव, प्रोफेसर कैलाश चंद्र शील को नमन कर लिया आशीर्वाद; आज तराना में करेंगे नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन की पावन धरा पर बुधवार को एक ऐसा भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा को पुनः स्थापित कर दिया। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने गुरु प्रोफेसर कैलाश चंद्र शील के निवास पर पहुँचे, जहां उन्होंने न केवल गुरु के चरणों में शीश नवाया, बल्कि सच्चे शिष्य की भांति आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव जब अपने गुरु के समक्ष पहुँचे, तो उनकी आँखों में श्रद्धा थी, हृदय में कृतज्ञता थी, और मन में विनम्रता। उन्होंने शॉल ओढ़ाकर अपने गुरु को सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद लिया। जिसके बाद प्रोफेसर शील ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आशीर्वाद देते हुए कहा कि उनके शिष्य मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, उनकी साधना सफल हुई है। आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिलकर उन्हें अत्यधिक हर्ष और गर्व का अनुभव हो रहा है।
गौरतलब है कि 19 मार्च को रंगपंचमी के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन आए थे। उन्होंने अपने गुरु प्रोफेसर कैलाश चंद्र शील के घर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद, वे महाकाल मंदिर से निकलने वाले वीरभद्र ध्वज के चल समारोह, कार्यकर्ता सम्मेलन और होली मिलन समारोह में भाग लेने पहुंचे। इसके अलावा उन्होंने उज्जैन में महामंडलेश्वर अतुलेशानंद आचार्य शेखर महाराज से भी भेंट की थी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु-शिष्य भेंट की कुछ तस्वीरें अपने सोशल मीडिया पर साझा कीं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने एक संदेश भी लिखा, “आज अपने पूज्य गुरु प्रोफेसर कैलाश चंद्रशील जी के निवास पहुंचकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। यह क्षण ज्ञान, संस्कार और गुरुत्व की परंपरा के पुनर्स्मरण को अविस्मरणीय बना गया। आज उन दिनों की स्मृतियाँ जीवंत हो उठीं, जब आपने न केवल विषयों का बौद्धिक मार्ग प्रशस्त किया, बल्कि जीवन के गूढ़ दर्शन से भी परिचित कराया। आपके आशीर्वाद और स्नेह से हृदय आनंदित और जीवन धन्य हो गया।”
जानकारी के लिए बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज तराना में 2,489 करोड़ 65 लाख रुपए लागत की नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण करेंगे।