चैत्र मास की तीसरी जत्रा में गूंजे गणपति बप्पा मोरया के जयकारे, सुबह से ही चिंतामण गणेश मंदिर में उमड़ा जनसैलाब; 9 अप्रैल को होगी अंतिम शाही जत्रा

उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:

चिंतामण गणेश मंदिर में चैत्र मास की तीसरी जत्रा 2 अप्रैल को भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुई। जैसे ही भोर की पहली किरणें धरती पर पड़ीं, मंदिर के कपाट मंगलाचरण के साथ खोल दिए गए। गर्भगृह में पंचामृत से अभिषेक किया गया, जिसके बाद भगवान गणेश का भव्य श्रृंगार किया गया। अलसुबह से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था, जो दूर-दूर से दर्शन के लिए उमड़े थे। श्रद्धालुओं के उत्साह और भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सुरक्षा प्रबंध किए थे, और भक्तों को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी।

मंदिर समिति ने इस पावन अवसर के लिए विशेष सजावट की थी, जिससे संपूर्ण परिसर आध्यात्मिक आभा से दमक उठा। भगवान चिंतामण गणेश की महिमा के प्रति अटूट श्रद्धा रखने वाले भक्तजन, धूप-दीप जलाकर पूजा-अर्चना में लीन रहे।

मंदिर के प्रधान पुजारी जयंत महाराज ने बताया कि वर्तमान समय कृषि के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि गेहूं और चने की फसल तैयार हो रही है। परंपरा के अनुसार, किसान अपनी नई फसल भगवान को अर्पित करने पहुंचे, ताकि उनके खेतों में समृद्धि और उन्नति बनी रहे। इसके साथ ही, चैत्र मास को विवाह के शुभ मुहूर्तों के लिए विशेष माना जाता है, इसलिए बड़ी संख्या में अभिभावक विवाह के लग्न लिखवाने के लिए मंदिर में उपस्थित हुए।

चैत्र मास के हर बुधवार को चिंतामण गणेश मंदिर में इस भक्तिमय जत्रा का आयोजन होता है, जो इस वर्ष 19 मार्च से आरंभ हुआ था। इस धार्मिक अनुष्ठान की अंतिम और भव्य शाही जत्रा 9 अप्रैल को संपन्न होगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

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