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कैंसर पर वार करेगा उज्जैन! अब यहां बनेंगी इंटरनेशनल क्वालिटी की जांच किट्स, कोरियन कंपनी ई-फाइबर ग्रुप ने किया 209 करोड़ का निवेश; हर महीने बनेंगी 50 लाख कैंसर किट्स …
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश न केवल सांस्कृतिक बल्कि औद्योगिक विकास की दिशा में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसका एक बड़ा उदाहरण है उज्जैन में विकसित हो रहा मेडिकल डिवाइस पार्क, जहां अब कैंसर के शुरुआती निदान के लिए अत्याधुनिक तकनीक से बनी सस्ती और सुलभ किट्स तैयार की जाएंगी। इस दिशा में दक्षिण कोरिया की प्रतिष्ठित कंपनी ई-फाइबर ग्रुप ने 209 करोड़ रुपये के निवेश का फैसला लिया है। यह निवेश उज्जैन को मेडिकल टेक्नोलॉजी और डायग्नोस्टिक इनोवेशन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देगा।
ई-फाइबर ग्रुप, जो 2016 में स्थापित हुई थी, अपनी यूनिट उज्जैन के मेडिकल डिवाइस पार्क में लगाएगी। यह यूनिट कैंसर के शुरुआती चरण में ही मूत्र के नमूनों से डायग्नोसिस करने वाली इन-विट्रो डायग्नोस्टिक (IVD) किट्स का निर्माण करेगी। इन किट्स में नैनो फाइबर और सेल्यूलोज आधारित बायो पॉलिमर का उपयोग किया जाएगा, जो कैंसर की रोकथाम में प्रभावी माने जाते हैं। हर महीने 50 लाख IVD किट्स और 1 करोड़ अन्य मेडिकल उत्पादों का निर्माण होगा, जिससे न केवल भारत में कैंसर निदान की पहुँच बढ़ेगी, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम साबित होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की निवेशक-अनुकूल नीतियां, जैसे सिंगल विंडो सिस्टम, रियायती दरों पर भूमि उपलब्धता, और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास ने विदेशों में भी निवेशकों का भरोसा अर्जित किया है। जापान और दक्षिण कोरिया की उनकी हालिया यात्रा के दौरान उन्होंने विश्व स्तरीय कंपनियों को प्रदेश में निवेश का आमंत्रण दिया, और उज्जैन को एक निवेश-उपयुक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। परिणामस्वरूप, ई-फाइबर ग्रुप जैसी तकनीकी रूप से सक्षम कंपनियां अब उज्जैन को अपनी निवेश प्राथमिकता बना रही हैं।
बता दें, उज्जैन, जो अपनी धार्मिक विरासत और महाकाल की नगरी के रूप में जाना जाता है, अब तेजी से औद्योगिक हब के रूप में भी उभर रहा है। विक्रम उद्योगपुरी में 1133 एकड़ में विकसित औद्योगिक पार्क और 360 एकड़ में बन रहा मेडिकल डिवाइस पार्क न केवल प्रदेश को नई पहचान दे रहे हैं, बल्कि अब तक 1855 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव ला चुके हैं, जिनसे करीब 6900 से अधिक रोजगार के अवसर निर्मित होंगे। अमूल, पेप्सिको, एमडीएच जैसी दिग्गज कंपनियों ने भी उज्जैन में निवेश किया है।