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महाकाल मंदिर में आग का तांडव: अवंतिका गेट के कंट्रोल रूम में सोलर पैनल की बैटरियों में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान; श्रद्धालुओं की एंट्री रोकी गई!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब गेट नंबर 1 पर स्थित अवंतिका गेट के ठीक ऊपर बने कंट्रोल रूम में अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी भीषण थी कि चंद मिनटों में ही पूरे कंट्रोल रूम को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग सोलर पैनल की बैटरियों और वायरिंग सिस्टम में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। घटना में लाखों रुपये का इलेक्ट्रॉनिक और अन्य कीमती सामान जलकर खाक हो गया है।
घटना के तुरंत बाद मंदिर प्रशासन और सुरक्षा बलों ने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की एंट्री को अस्थायी रूप से रोक दिया और फायर ब्रिगेड को तुरंत मौके पर बुलाया गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया। वहीं आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि शुरुआती रिपोर्ट में इसे शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
इस दौरान सबसे दुखद पहलू यह रहा कि मंदिर समिति के कर्मचारी संतोष पाठक, जो आग बुझाने के लिए तत्काल छत पर पहुंचे थे, आग से जल रहे पाइप हटाते समय बुरी तरह झुलस गए। उनके दोनों हाथ की हथेलियाँ आगे और पीछे से जल गईं। यह घटना तब हुई जब वे आग बुझाने में मदद कर रहे थे। उपस्थित अन्य कर्मचारियों ने तत्काल उन्हें मंदिर के अस्पताल में भर्ती कराया। राहत की बात यह रही कि संतोष पाठक अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं और खतरे से बाहर हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन भी हरकत में आ गया। उज्जैन के कलेक्टर रोशन सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक और नगर निगम कमिश्नर आशीष पाठक घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने मीडिया को बताया कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। केवल बैटरियों का नुकसान हुआ है, जिसे जल्द ठीक किया जाएगा। फिलहाल मंदिर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया गया है और श्रद्धालुओं के लिए गेट दोबारा खोल दिया गया है।