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10 साल की मधु की हत्या का राज़ गांव के बच्चों ने किया उजागर, सौतेली मां ने ली मासूम की जान, पिता ने मिटाए सबूत — लेकिन सच सामने आ ही गया!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ सौतेली मां ने 10 वर्षीय मासूम बच्ची मधु की गला घोंटकर निर्मम हत्या कर दी। इससे भी बड़ा अपराध यह रहा कि पिता ने इस पाप को छिपाने के लिए सबूत मिटा दिए और बेटी का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया। लेकिन कहते हैं ना, सत्य चाहे जितना भी छिपाया जाए, वह किसी न किसी रूप में प्रकट होता ही है। भगवान महाकाल की नगरी में न्याय का पहिया घूम गया — और गुनहगारों को उनके पाप का फल मिल गया।
घटना उज्जैन जिले के माकड़ोन गांव की है, जहाँ बालाराम पंवार की 10 साल की बेटी मधु अपनी सौतेली मां संगीता के साथ रहती थी। संगीता बच्ची से घरेलू काम को लेकर अक्सर नाराज रहती थी। 18 मई को मौका पाकर उसने मासूम मधु का गला घोंट दिया। जब बालाराम घर आया तो पत्नी ने सारी सच्चाई बताई — लेकिन उसने न तो बेटी को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, न ही पुलिस को खबर दी। उल्टा, अपनी बेटी की लाश पर चादर डालकर उसके निशान मिटाने की कोशिश की और जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
लेकिन ऊपरवाला सब देख रहा था। जैसे ही चिता की तैयारी चल रही थी, गांव के कुछ बच्चों ने शव का वीडियो बना लिया। जब कंबल हटा तो मधु के गले पर उंगलियों के दबाव के स्पष्ट निशान दिखे। बच्चों ने यह वीडियो ग्रामीणों को दिखाया। गांववालों को शक हुआ, क्योंकि पहले तो आरोपियों ने मौत का कारण करंट लगना बताया, फिर किसी को हार्ट अटैक की कहानी सुनाई। अंततः ग्रामीणों ने साहस दिखाया और पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने जब यह वीडियो देखा, तो पूरा घटनाक्रम खुल गया। एसडीओपी भविष्य भास्कर और थाना प्रभारी प्रदीप सिंह राजपूत के नेतृत्व में की गई जांच में यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई सामान्य मृत्यु नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। आरोपी संगीता और बालाराम को गिरफ्तार किया गया, और पूछताछ में दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घरेलू विवाद और सौतेली मां की क्रूर मानसिकता इस हत्याकांड के पीछे का कारण रही।