- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
गंगा दशहरा पर महाकाल को नृत्य समर्पण, उज्जैन में 37 वर्षों से चल रही है यह परंपरा; 100 कलाकार महाकाल को समर्पित करेंगे18 घंटे की अखंड नृत्यांजलि!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
आध्यात्मिक नगरी उज्जैन इस समय भगवान महाकाल की भक्ति में डूबी हुई है। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर यहां महाकालेश्वर मंदिर में एक विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हो रहा है – अखंड नृत्यांजलि, जो भगवान शिव को समर्पित है। गुरुवार सुबह भस्म आरती के साथ प्रारंभ हुई यह नृत्य साधना रात की शयन आरती तक, पूरे 18 घंटे तक निर्बाध रूप से चलती रहेगी। इस आयोजन का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि शिव भक्ति के माध्यम से विश्व कल्याण, शांति और समृद्धि की कामना करना है।
यह भव्य आयोजन रसराज नृत्य संस्थान द्वारा आयोजित किया जा रहा है और यह इस अनूठी परंपरा का 37वां वर्ष है। संस्थान की निदेशक साधना मालवीय ने बताया कि इस साधना की शुरुआत गुरुवर राज कुमुद ठोलिया के मार्गदर्शन में 36 वर्ष पूर्व हुई थी और तब से यह परंपरा बिना रुके हर वर्ष निभाई जा रही है।
इस बार करीब 100 कलाकार, जिनकी उम्र 5 वर्ष से लेकर 50 वर्ष तक है, भगवान महाकाल को नृत्य के माध्यम से रिझा रहे हैं। कलाकारों ने शिव तांडव, पंचाक्षर स्तोत्र, शिव मंत्र और महाकाल की आरती पर आधारित विशेष नृत्य प्रस्तुतियाँ दी हैं। यह नृत्य केवल मंचीय नहीं, बल्कि पूरी तरह साधना के स्वरूप में किया जा रहा है — जिसमें आराधना, श्रद्धा और भक्ति का भाव प्रमुख है। कलाकारों ने इस आयोजन के लिए बीते एक माह से उज्जैन के विभिन्न स्थानों पर नियमित अभ्यास किया।
इस पावन अवसर पर सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अर्पण भारद्वाज, उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक और सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। वे कलाकारों को आशीर्वाद देंगे और इस अनुपम परंपरा की सराहना करेंगे।
प्रसिद्ध कलाकारों में मृणालिनी चौहान, प्रियांशी जोशी, सुदर्शन स्वामी, दीपा मालवीय, दिव्यांशी बघेल, अंशिका मालवीय, त्रिशा मालवीय, ध्रुव टेम्भूर्णे, आस्था, भूमिका, अपेक्षा, सिद्धि, शगुन, मान्या, राखी, कनुमिता, याशिका, ललित, शिवानी, सुहानी, खुशबू, जया, अदिति, रिया, दिव्यांश, तनिशा, भूमि, महक, पूर्वी, श्रेया, कनक सहित कई अन्य शिव भक्त कलाकार पूरे उत्साह और श्रद्धा से महाकाल के चरणों में नृत्य समर्पित कर रहे हैं।