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इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के बाद उज्जैन में हुआ पिंडदान, आरोपी सोनम का भाई भी शामिल; बोला—“अगर अफेयर पता होता, तो शादी ही न होने देता”
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
इंदौर के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के 10 दिन बाद उनके परिवार ने शुक्रवार को उज्जैन पहुंचकर सिद्धवट घाट पर अंतिम धार्मिक क्रिया—पिंडदान संपन्न की। आश्चर्य की बात यह रही कि इस मौके पर उनके साथ वह व्यक्ति भी मौजूद था, जिसकी बहन सोनम राजा की हत्या की मुख्य आरोपी है। सोनम का भाई गोविंद रघुवंशी परिवार के साथ घाट पर उपस्थित हुआ और पूरे विधि-विधान से पूजा में भाग लिया।
राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि “राजा को गुजरे अब 10 दिन हो चुके हैं। उसकी आत्मा की शांति के लिए परिवार के सभी सदस्य उज्जैन आए थे। इसी दौरान सोनम के भाई गोविंद का फोन आया। उसने खुद साथ आने की इच्छा जताई और बोला कि उसे अपनी बहन की गलती का गहरा पछतावा है। ऐसे में हमने उसे साथ आने की अनुमति दे दी।”
11 मई को राजा और सोनम की धूमधाम से शादी हुई थी, लेकिन शादी के महज 10 दिन बाद ही 21 मई को हनीमून के बहाने शिलॉन्ग ले जाकर सोनम ने अपने प्रेमी राज और उसके दोस्तों के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी। यह मामला सामने आते ही पूरे मध्यप्रदेश में सनसनी फैल गई।
पिंडदान के दौरान सोनम के भाई गोविंद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, “मेरी बहन बेहद ज़िद्दी और गुस्सैल स्वभाव की थी। अगर मुझे उसके और राज के अफेयर की जानकारी पहले होती, तो या तो मैं उन दोनों की शादी करा देता या कहता कि भाग जाओ। हमारे परिवार ने कभी उस पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला। वह स्वतंत्र विचारों वाली लड़की थी, अगर शादी नहीं करनी थी तो मना कर सकती थी। लेकिन उसने जो किया, वह माफ करने लायक नहीं है।”
गोविंद ने कहा कि उसकी बहन की करतूत की वजह से पूरे इंदौर और मध्यप्रदेश का सिर शर्म से झुक गया है। “मैं आज राजा के परिवार के साथ सिर्फ एक जीजा का नहीं, एक भाई का धर्म निभाने आया हूं। अगर मेरी बहन दोषी साबित होती है, तो उसे कड़ी से कड़ी सज़ा—यहां तक कि फांसी—भी मिले, तो हमें कोई ऐतराज़ नहीं होगा। कानून को अपना काम करना चाहिए।”