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बच्चों के सबसे बड़े अस्पताल पीजीआई चंडीगढ़ जैसा इलाज अब पीकू में
उज्जैन | चरक अस्पताल में संचालित शिशु वार्ड में सोमवार से गंभीर बीमार बच्चों के उपचार के लिए पीकू यानी बाल्य गहन चिकित्सा इकाई शुरू की जाएगी। यहां देश के सबसे बड़े बच्चों के अस्पताल पीजीआई (पोस्ट ग्रेजुएशन इंस्टीट्यूट) चंडीगढ़ जैसी सुविधाएं बच्चों को मिलेगी। भोपाल में एम्स व पीजीआई चंडीगढ़ के चिकित्सा विशेषज्ञों ने शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.एमडी शर्मा व डॉ.वाय के शाक्य को पीकू की ट्रेनिंग दी है। जिसमें गंभीर बच्चों को कैसे केयर दी जाना है। किस स्थिति में बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा जाना है आदि के बारे में बताया है। दोनों डॉक्टर ट्रेनिंग लेकर लौट आए हैं। पीकू सोमवार से शुरू कर दिया जाएगा। 16 गंभीर बच्चों को भर्ती रखा जाकर उपचार दिया जा सकेगा। पीकू की सुविधा नहीं होने से गंभीर बीमार बच्चों को इंदौर रैफर करना पड़ता था। अब बच्चों को रैफर नहीं करना पड़ेगा। उन्हें भर्ती रखकर उपचार दिया जाकर बच्चों की जान बचाई जा सकेगी। इससे शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी। पीकू में दो वेंटिलेटर, सक्शन, आॅक्सीजन आदि व जांच संबंधी सभी सुविधाएं होगी।
आज करा सकती है जांच व उपचार
सोमवार को 12 सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की जांच की जाकर उपचार दिया जाएगा। जिसमें हाईरिस्क महिलाओं को चिह्नित किया जाएगा। उन्हें 9 माह तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा। शुरू से ही उन्हें ठीक से उपचार मिलने से सुरक्षित डिलीवरी हो सकेगी।
इन सरकारी अस्पतालों में मिलेगा उपचार
माधवनगर अस्पताल, चरक अस्पताल, जीवाजीगंज, इंगोरिया, बड़नगर, झार्डा व तराना सहित 12 सरकारी अस्पतालों में सोमवार सुबह 8 से शाम 5 बजे तक प्राइवेट महिला चिकित्सकों द्वारा उपचार दिया जाएगा। साथ ही वजन, ऊंचाई, सोनोग्राफी, ब्लड प्रेशर, खून-पेशाब, वीडीआरएल, एचआईवी व शुगर सहित 8 जांच मुफ्त में होगी।