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श्रावण की दूसरी सवारी में उमड़ा आस्था का समुंदर, 6 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लिए भगवान महाकाल के दर्शन
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
श्रावण मास की दूसरी सवारी में उज्जैन एक बार फिर आस्था और भक्ति का महासंगम बना रहा। सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी के दौरान अनुमानित 6 लाख श्रद्धालु नगर भ्रमण में शामिल हुए और भगवान के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त किया। वहीं, महाकालेश्वर मंदिर परिसर में तड़के भस्म आरती से लेकर रात्रि की शयन आरती तक कुल 3 लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष और उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने बताया कि इस बार दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए व्यापक और व्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित किया गया था। दर्शन को सुगम और सुव्यवस्थित बनाने हेतु मंदिर समिति द्वारा अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती, व्यापक बैरिकेडिंग, पेयजल व छाया की व्यवस्था सहित चलित भस्म आरती के आयोजन में विशेष सावधानियाँ बरती गईं। इस चलित भस्म आरती में भी करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
शाम चार बजे भगवान महाकालेश्वर अपने चंद्रमौलेश्वर रूप में पालकी पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। इस दौरान हाथी पर विराजे श्री मनमहेश स्वरूप में भगवान ने भक्तों को दर्शन दिए। लगभग चार किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। सवारी मार्ग को विशेष रूप से सजाया गया था, और जगह-जगह भजन-कीर्तन व सेवा शिविरों की व्यवस्था की गई थी।
प्रशासन के अनुसार आगामी नागपंचमी पर भी महाकाल दर्शन हेतु लगभग 6 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसके मद्देनज़र विशेष सुरक्षा प्रबंध और श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। श्रावण के आगामी सोमवारों को लेकर भी तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु को सुगमता से दर्शन और आस्था की अनुभूति प्राप्त हो सके।