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सिर्फ 8 दिन का पानी बचा था… अब नर्मदा बनी जीवनदायिनी: नर्मदा का पानी पहुंचा गंभीर डैम, अब शहर की प्यास बुझेगी; उज्जैन को रोज मिलेगी सप्लाई!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन लंबे समय से जल संकट की गंभीर समस्या झेल रहा है। शहर का मुख्य पेयजल स्रोत गंभीर डैम लगभग सूख चुका है और केवल 8 दिनों का पानी ही शेष बचा था। डेढ़ माह से अधिक समय से लोग सीमित जल सप्लाई के सहारे दिन गुजार रहे थे। ऐसे हालात में शुक्रवार को उज्जैनवासियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर आई है—पाइपलाइन के जरिए नर्मदा का पानी गंभीर डैम तक पहुंच चुका है।
नर्मदा से 129 एमएलडी पानी की सप्लाई शुरू
शुक्रवार शाम लगभग 4:30 बजे, ग्रामीण क्षेत्र की नल-जल योजना के तहत बनाए गए इंटेक पॉइंट से नर्मदा का पानी गंभीर डैम में आना शुरू हुआ। प्रारंभिक चरण में 129 एमएलडी पानी डैम तक पहुंचाया गया। यह सप्लाई रोजाना जारी रहेगी।
पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) के एई वैभव भावसार ने जानकारी दी कि नल-जल योजना के तहत बनाए गए इस इंटेक से नर्मदा का पानी आसानी से लिया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर गंभीर डैम फुल होने पर पानी वापस भी किया जा सकता है।
शहर की जल आवश्यकता और सप्लाई व्यवस्था
उज्जैन शहर में जल प्रदाय के लिए प्रतिदिन औसतन 112 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है। इस दृष्टि से 129 एमएलडी नर्मदा जल पर्याप्त है और शहर की सप्लाई दिक्कतें काफी हद तक कम हो जाएंगी।
हालांकि, अभी फिलहाल जल संकट पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए शहर में एक दिन छोड़कर सप्लाई जारी रखी जाएगी। साथ ही गऊघाट इंटेक से नर्मदा पाइपलाइन को जोड़ने का काम भी तेजी से चल रहा है, जो चार दिनों में पूरा हो जाएगा। इसके बाद जल आपूर्ति और आसान तथा नियमित हो जाएगी।
गंभीर डैम की वर्तमान स्थिति
गंभीर डैम इस समय बेहद निचले स्तर पर है। पिछले कई हफ्तों से बारिश की कमी के चलते डैम सूख गया था और शहर में सिर्फ आठ दिन का पानी शेष था। ऐसे में नर्मदा का पानी पहुंचना उज्जैन के लिए जीवनदायिनी साबित होगा। लेकिन यह पानी केवल सप्लाई बनाए रखने में मदद करेगा, डैम को पूरी तरह भर नहीं पाएगा।
बारिश की स्थिति और वर्षा के आंकड़े
जल संकट की इस स्थिति के बीच शुक्रवार को जिला प्रशासन ने वर्षा संबंधी रिपोर्ट भी जारी की। कलेक्टर कार्यालय भू अभिलेख विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 24 घंटों में जिले में औसतन 7.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
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उज्जैन तहसील: 5.0 मिमी
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घट्टिया: 8.0 मिमी
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खाचरौद: 19.0 मिमी
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नागदा: 16.0 मिमी
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बड़नगर: 10.0 मिमी
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महिदपुर: 5.0 मिमी
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झारड़ा: 7.0 मिमी
01 जून 2024 से अब तक जिले में औसतन 367.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 498.1 मिमी वर्षा हुई थी। यानी इस साल अब तक लगभग 130 मिमी कम बारिश हुई है। यही कारण है कि डैम और अन्य जल स्रोतों में अपेक्षित स्तर का पानी नहीं भर सका।
आगे की राह
नर्मदा जल सप्लाई ने शहर को राहत जरूर दी है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए आने वाले दिनों में पर्याप्त वर्षा का होना जरूरी है। नगर निगम और प्रशासन लगातार वैकल्पिक जल प्रबंधन योजनाओं पर काम कर रहे हैं।
उज्जैनवासियों को फिलहाल नर्मदा जल से बड़ी राहत मिली है। अब शहरवासी नियमित अंतराल पर पानी पा सकेंगे और जल संकट की स्थिति फिलहाल टल गई है। लेकिन बारिश की कमी को देखते हुए पानी के विवेकपूर्ण उपयोग और बचत पर जोर देना उतना ही आवश्यक है।