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बाबा महाकाल की राजसी सवारी में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री सिंधिया होंगे शामिल, 10 ड्रोन से होगी बाबा की पालकी पर पुष्पवर्षा; सवारी के दौरान सेल्फी पर रोक, मोबाइल डिटेक्शन टीम करेगी निगरानी!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन। श्रावण-भाद्रपद माह में परंपरागत रूप से निकलने वाली बाबा महाकाल की राजसी सवारी आज निकलेगी। इस अवसर पर पूरा नगर महाकालमय हो उठेगा। प्रशासन और मंदिर समिति के अनुसार इस बार सवारी में देशभर से 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री होंगे शामिल
राजसी सवारी के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल होंगे। दोनों नेता बाबा महाकाल की पालकी पूजन-अर्चन कर नगर भ्रमण की शुरुआत करेंगे।
दिव्य झांकियां और छह मुखारविंद
इस सवारी में छह मुखारविंद शामिल रहेंगे। रजत पालकी में विराजित भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर के साथ गजराज, नंदी रथ, गरुड़ रथ और अन्य स्वरूप नगर भ्रमण करेंगे। सात किलोमीटर लंबे मार्ग पर श्रद्धालु इन झांकियों के दर्शन करेंगे।
पुष्पवर्षा से सजेगा मार्ग
मंदिर प्रशासन ने इस बार विशेष व्यवस्था की है। सवारी मार्ग पर 10 ड्रोन तैनात रहेंगे, जिनके माध्यम से बाबा की पालकी पर गुलाब के पुष्पों की वर्षा की जाएगी। इसके लिए शहरभर से भक्तों ने गुलाब के फूल भेंट किए हैं।
भजन मंडलियों की गूंज और संतों का आशीर्वाद
लगभग 70 से अधिक भजन मंडलियां सवारी में शामिल होकर भजनों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बनाएंगी। साधु-संत, महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी, पुरोहित और पुलिस बैंड भी सवारी का हिस्सा होंगे।
भक्तों की सुविधा और सुरक्षा पर जोर
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्थाएं की हैं।
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पार्किंग व्यवस्था: भोपाल, इंदौर और देवास से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वाकड़कर पार्किंग, मत्रा गार्डन, हरिफाटक ब्रिज के नीचे और कर्कराज पार्किंग निर्धारित की गई है।
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अन्य क्षेत्रीय भक्तों के लिए: बड़नगर एवं नागदा से आने वालों के लिए कार्तिक मेला ग्राउंड, जबकि मक्सी और आगर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए क्षीरसागर स्टेडियम और सामाजिक न्याय परिसर में पार्किंग सुविधा रहेगी।
17 मार्ग रहेंगे प्रतिबंधित
सवारी के दौरान शहर के 17 प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इनमें हरिफाटक से बेगमबाग, दानिगेट से रामघाट, गुदरी चौक से कहारवाड़ी, टंकी चौक, क्षीरसागर टर्निंग, कंठाल और अन्य मार्ग शामिल हैं।
सेल्फी पर रोक, मोबाइल डिटेक्शन टीम तैनात
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सवारी के दौरान सेल्फी लेने पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने सवारी मार्ग पर मोबाइल डिटेक्शन टीम भी तैनात की है, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
सांस्कृतिक रंग से सजेगी यात्रा
राजसी सवारी में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिलेगी। जनजातीय और लोक कलाकार पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करेंगे, जबकि भजन मंडलियां पूरे मार्ग पर वातावरण को भक्तिमय बनाएंगी।
जयकारों से गूंजेगा उज्जैन
जैसे ही रजत पालकी मंदिर प्रांगण से निकलेगी, पूरा नगर “हर-हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयकारों से गूंज उठेगा। श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर पुण्यलाभ अर्जित करेंगे और भस्मारती जैसी अद्वितीय परंपरा के साक्षी बनेंगे।