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जनता के भरोसे का गोल्ड मेडल: विदिशा से उज्जैन तक ‘संवेदनशील प्रशासन’ की मिसाल बने कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया सम्मानित!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मध्यप्रदेश सरकार के संपूर्णता अभियान के अंतर्गत आकांक्षी जनपदों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को बुधवार को राजधानी भोपाल में सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर विभिन्न जिलों में उल्लेखनीय काम करने वाले तत्कालीन और वर्तमान कलेक्टर्स को मेडल, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट किए। इसी क्रम में विदिशा जिले में बेहतर परिणाम देने पर तत्कालीन कलेक्टर और वर्तमान में उज्जैन कलेक्टर, 2015 बैच के आईएएस रोशन कुमार सिंह को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
क्यों मिला सम्मान?
4 जुलाई से 30 सितंबर 2024 तक चले विशेष अभियान में महिलाओं के स्वास्थ्य, आर्थिक सशक्तिकरण, पोषण, आहार और कृषि जैसे महत्वपूर्ण सूचकों पर काम किया गया। विदिशा जिले ने इस अभियान में 100% सैचुरेशन हासिल कर प्रदेशभर में मिसाल कायम की। इसी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए रोशन कुमार सिंह को मुख्यमंत्री मंच से सम्मानित किया गया।
रोशन कुमार सिंह की पहचान केवल सख्त प्रशासक के रूप में नहीं, बल्कि संवेदनशील और जन-केंद्रित अधिकारी के रूप में होती है। जब उन्होंने उज्जैन कलेक्टर के रूप में पहली जनसुनवाई की, तो सबसे पहले शिकायतकर्ताओं के लिए कुर्सियों की व्यवस्था करवाई। उनका कहना था – “लोग जब गहरी समस्याओं के साथ आते हैं, तो हमें कम से कम उन्हें बैठने और सम्मान का अनुभव देने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।”
छोटी-सी पहल ने प्रशासनिक माहौल में बड़ा बदलाव लाया और लोगों के दिलों में भरोसा जगाया कि शासन-प्रशासन सिर्फ आदेश नहीं, बल्कि संवेदना भी समझता है।
कलेक्टर रहते हुए उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को केवल कागज पर निपटाने तक सीमित नहीं रखा। समाधान के बाद वे खुद रैंडम कॉल कर पीड़ितों से पूछते थे – “क्या समस्या सचमुच हल हो गई? क्या आप संतुष्ट हैं?” यह शैली प्रशासन को औपचारिकता से आगे ले जाकर “जनता तक पहुँचती धड़कन” बना देती थी।
उज्जैन में सावन माह की महाकाल सवारी के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं। इससे ट्रैफिक जाम और सुरक्षा की समस्या आम हो जाती है। इस बार रोशन कुमार सिंह ने सोमवार को स्कूल बंद और रविवार को खुलवाने का अनोखा निर्णय लिया। फैसले पर बहस जरूर हुई, लेकिन उद्देश्य साफ था – बच्चों और परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता।
सिंंहस्थ 2028 की तैयारियों में दूरदृष्टि
उज्जैन आने वाले समय में सबसे बड़े आयोजन सिंहस्थ 2028 की मेजबानी करेगा। लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं के इस समागम के लिए रोशन कुमार सिंह पहले से ही दूरदर्शी योजनाओं पर काम कर रहे हैं।
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रेलवे स्टेशन विस्तार
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AI आधारित भीड़ नियंत्रण सिस्टम
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अलग सड़क मार्ग और 6,000 हेक्टेयर पार्किंग की योजना
इन तैयारियों से साफ है कि वे लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी को धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों के साथ जोड़ने का विजन रखते हैं।