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उज्जैन रामघाट पर गहरे पानी में फिसला 12 वर्षीय बच्चा: होमगार्ड जवान ने दिखाई बहादुरी, नदी में कूदकर बचाई जान!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में सोमवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा रामघाट आरती स्थल पर हुआ, जहाँ एक 12 वर्षीय बच्चा गहरे पानी में डूबने लगा। घटना की जानकारी मिलते ही घाट पर मौजूद होमगार्ड जवान ने तत्काल बहादुरी दिखाते हुए नदी में छलांग लगाई और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना का पूरा हाल
पुलिस चौकी प्रभारी जितेंद्र गौड़ ने बताया कि रोहतक, हरियाणा निवासी प्रणव (12) अपने पिता रमन उमरे के साथ उज्जैन दर्शन के लिए आए थे। दोनों रामघाट आरती स्थल पर शिप्रा नदी में स्नान कर रहे थे, तभी अचानक प्रणव का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया।
घाट पर इस दृश्य को देख लोग चिल्लाने लगे, जिससे वहां मौजूद होमगार्ड जवान विजय दायमा ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। बिना किसी देर के उन्होंने लाइफ बॉय की मदद से पानी में छलांग लगाई और प्रणव को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। इसके बाद बच्चे को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।
नदी में फिसलन का खतरा
इस समय शिप्रा नदी में पानी का स्तर सामान्य से अधिक है। रामघाट के चढ़ाव पर काई जमा होने के कारण घाट पर फिसलन का खतरा और बढ़ जाता है। इससे श्रद्धालुओं को सावधानी बरतनी होती है, लेकिन कई बार वे चेतावनी के बावजूद गहरे पानी में चले जाते हैं।
पुलिस और होमगार्ड जवान नियमित रूप से घाट पर मौजूद रहते हैं और श्रद्धालुओं को किनारे बैठकर स्नान करने की सलाह देते हैं, लेकिन भीड़ और उत्साह में यह खतरे की अनदेखी हो जाती है।
प्रशासन की चेतावनी
इस घटना के बाद पुलिस ने एक बार फिर सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे घाट पर गहरे पानी की ओर न जाएँ और स्नान के समय हमेशा सतर्क रहें। साथ ही, माता शिप्रा के तट पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
होमगार्ड जवान की बहादुरी
इस घटना में होमगार्ड जवान विजय दायमा की बहादुरी और त्वरित प्रतिक्रिया की खूब सराहना हो रही है। लोगों ने उन्हें जीवन रक्षक नायक बताया है, जिन्होंने अपने साहस से एक बच्चे की जान बचाई।