- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का 69वां आधारशिला दिवस: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे नामकरण पट्टिका का अनावरण, भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारियाँ पूरी
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय अपने 69वें आधारशिला दिवस की धूमधाम से तैयारी कर रहा है। यह खास आयोजन 10 अक्टूबर को विश्वविद्यालय परिसर में होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर वे विश्वविद्यालय की नामकरण पट्टिका का अनावरण भी करेंगे, जो एक ऐतिहासिक पल के रूप में दर्ज होगा।
इस मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कार्यपरिषद के सदस्य, विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी भाग लेंगे। इस आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे इस शिक्षा संस्थान के गौरव और उसकी परंपरा को उजागर किया जा सके।
हाल ही में विश्वविद्यालय का नामकरण सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे 29वें दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल की उपस्थिति में घोषणा की थी। इसके बाद प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर विश्वविद्यालय का नामकरण मध्य प्रदेश के राजपत्र में प्रकाशित किया गया।
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की आधारशिला 23 अक्टूबर 1956 को तत्कालीन गृहमंत्री गोविंद वल्लभ पंत द्वारा रखी गई थी। इसके बाद, 1 मार्च 1957 को विश्वविद्यालय का औपचारिक रूप से उद्घाटन हुआ था। आज यह विश्वविद्यालय मध्यप्रदेश के शैक्षिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है, जहाँ हजारों विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
इस वर्ष का आधारशिला दिवस न केवल विश्वविद्यालय की गौरवगाथा का जश्न होगा बल्कि शिक्षा, संस्कृति और परंपरा के मिलन का भी प्रतीक बनेगा।