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उज्जैन पुलिस की तेज़ कार्रवाई: माकड़ोन में खटिया पर मिला युवक का शव, 24 घंटे में सुलझी हत्या की गुत्थी – दो आरोपी गिरफ्तार
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
माकड़ोन थाना क्षेत्र के पानखेड़ी में सोमवार सुबह एक सनसनीखेज मामला सामने आया था, जब एक दुकान के पास एक व्यक्ति का शव खटिया पर पड़ा मिला। घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया था, लेकिन पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर इस हत्या की गुत्थी सुलझा ली है।
पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ कि यह हत्या पैसों के विवाद का परिणाम थी। मृतक की पहचान श्योपुर जिले के ग्राम फूल शेख निवासी पप्पू उर्फ शिवचरण मीणा (35 वर्ष) के रूप में हुई। घटना स्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी अनवर मंसूरी ने बताया कि रविवार रात करीब 10 बजे वह अपनी दुकान बंद कर घर चले गए थे। सोमवार सुबह जब सुबह करीब 6 बजे वह दुकान पर लौटे तो टिन शेड के नीचे लोहे की खटिया पर पप्पू खून से लथपथ पड़ा था, जिसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे।
इस सूचना पर पुलिस ने तुरंत मामले की छानबीन शुरू की। माकड़ोन थाना प्रभारी प्रदीप सिंह राजपूत के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की। मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पता चला कि आरोपी उज्जैन में छिपे हैं।
तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जयवंत सिंह (45 वर्ष) और हरदीप सिंह सोढी (25 वर्ष), दोनों हरिनगर खेड़की, पटियाला, पंजाब के निवासी, को उज्जैन में दबिश देकर गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक पप्पू मीणा हार्वेस्टर मशीन से फसल कटाई का काम करता था और उसने दोनों को मजदूरी पर रखा था।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि कामकाज और मजदूरी के पैसों को लेकर हुए विवाद ने हत्या का रूप ले लिया। मुख्य आरोपी जयवंत सिंह ने लोहे की रॉड से पप्पू मीणा के सिर पर जानलेवा वार किया। इस वार में हरदीप सिंह सोढी ने भी उसका साथ दिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया और उन्हें जेल भेज दिया। इस हत्या की गुत्थी को मात्र 24 घंटे में सुलझाने में माकड़ोन थाना प्रभारी प्रदीप सिंह राजपूत, एसआई लालचंद शर्मा, मंसाराम चौधरी, प्रधान आरक्षक सुदर्शन राठौर, आरक्षक राजेंद्र सिंह, राम सोनी, जितेंद्र सिंह, संतोष पटेल और क्राइम ब्रांच उज्जैन की टीम की अहम भूमिका रही है।
यह मामला उज्जैन के माकड़ोन इलाके में सुरक्षा और कानून व्यवस्था के महत्व को दोबारा उजागर करता है, साथ ही यह दर्शाता है कि पुलिस कितनी तेजी और प्रतिबद्धता से अपराधों का समाधान कर रही है।