- भक्तों के लिए जरूरी अपडेट: महाकाल मंदिर में बदले आरती के समय, धुलेंडी के बाद लागू नई व्यवस्था!
- महाकाल दरबार में तड़के भस्म आरती: राजा स्वरूप में सजे बाबा, श्रद्धालुओं ने किए अलौकिक दर्शन!
- भस्म आरती में शामिल हुए पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, नंदी हाल में बैठकर किया महाकाल का जाप
- होलिका दहन से पहले रंगों में डूबा उज्जैन, मंदिरों में शुरू हुआ फाग महोत्सव; बाहर से भी पहुंचे श्रद्धालु
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: राजा स्वरूप में सजे बाबा, गूंजी जयकार
भक्तों के लिए जरूरी अपडेट: महाकाल मंदिर में बदले आरती के समय, धुलेंडी के बाद लागू नई व्यवस्था!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
धुलेंडी के अगले दिन से ग्रीष्म ऋतु का प्रारंभ माना जाता है। इसी परंपरा के अनुसार भगवान महाकाल को अब शीतल जल से स्नान कराया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर में आरतियों के समय में भी परिवर्तन किया गया है।
यह नई समय-सारणी चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से अश्विन पूर्णिमा तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद कार्तिक प्रतिपदा से होली तक अलग समय व्यवस्था लागू होती है।
चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से अश्विन पूर्णिमा तक आरती समय
-
प्रथम भस्म आरती – प्रातः 04:00 से 06:00 बजे
-
द्वितीय दद्योदक आरती – प्रातः 07:00 से 07:45 बजे
-
तृतीय भोग आरती – प्रातः 10:00 से 10:45 बजे
-
चतुर्थ संध्या पूजन – सायं 05:00 से 05:45 बजे
-
पंचम संध्या आरती – सायं 07:00 से 07:45 बजे
-
शयन आरती – रात्रि 10:30 से 11:00 बजे
कार्तिक प्रतिपदा से होली तक आरती समय
-
भस्म आरती – तड़के 04:00 से सुबह 06:00 बजे
-
बालभोग आरती – सुबह 07:30 से 08:15 बजे
-
भोग आरती – सुबह 10:30 से 11:15 बजे
-
संध्या पूजा – शाम 05:00 बजे
-
संध्या आरती – शाम 06:30 से 07:15 बजे
-
शयन आरती – रात 10:30 से 11:00 बजे