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वेधशाला में बृहस्पति, चंद्रमा और साइरस तारे को नजदीक से देख रोमांचित हो उठे शहर के लोग
उज्जैन । क्रिकेट बॉल जैसा दिखा 1300 गुना बड़ा बृहस्पति
पृथ्वी से 78 करोड़ किलोमीटर दूर सबसे बड़ा ग्रह है बृहस्पति, जो इतना बड़ा कि उसमें दस-बीस नहीं 1300 पृथ्वियां समा जाए। इसे गऊघाट के पास वेधशाला में टेलीस्कोप से बेहद नजदीक से देखकर शहर के लोग रोमांचित उठे। अकेले बृहस्पति नहीं यहां चंद्रमा व साइरस तारे का नजारा भी पास से देखने को मिला।
वेधशाला में 1 मई से खगोल विज्ञान शिविर शुरू हुआ। अब तक 100 से अधिक लोग यहां से दुर्लभ नजारे देख चुके हैं। गुरुवार शाम 7.30 बजे बाद भी शिविर में आए 20 से अधिक लोगों ने ग्रह व तारे को टेलीस्कोप से पास से देखा। वेधशाला अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्त ने बताया शिविर से पूर्व शाम 4 बजे दर्शकों को प्राचीन यंत्रों का अवलोकन कराया। तारा मंडल में स्क्रीन परा ग्रह, नक्षत्र व तारों की जानकारियां दी। 50 रुपए शुल्क में प्रतिदिन ये नजारे दिखा रहे हैं। बच्चों के लिए यह टिकट 35 रुपए का है। 6 मई तक शिविर चलेगा।
दर्शकों को बताया गड्ढों से भरा चंद्रमा और चमकीला साइरस भी देखा
वेधशाला में गुरुवार को ग्रह, नक्षत्र व तारे का नजारा देखने आई अमिता पाठक, भूगोल की स्टूडेंट पारूल शर्मा सहित अन्य दर्शकों ने कहा टेलीस्कोप के जरिए जब उन्होंने बृहस्पति को देखना चाहा तो बादल होने से वह साफ नहीं दिखा लेकिन विशेषज्ञों ने जानकारी में बताया बृहस्पति क्रिकेट की सफेद रंग की बाल की तरह नजर आता है। इसके आसपास 4 उपग्रह और दो पट्टियां भी दिखती है। दर्शकों को चंद्रमा पर सतह के साथ असंख्य गड्ढे व पहाड़ दिखाई दिए। साइरस तारा काफी छोटा होने के साथ चमकीला दिखा।
जाने बृहस्पति, चांद, साइरस के बारे में
मौसम प्रेक्षक दीपक गुप्ता ने बताया बृहस्पति सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। पृथ्वी से यह 1300 गुना बड़ा है। चंद्रमा एक पिंड है जिसका आकार पृथ्वी का एक चौथाई भाग के बराबर है। चंद्रमा 460 करोड़ वर्ष पुराना है। साइरस तारा जो कि पृथ्वी से 8.6 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। यह सबसे चमकदार तारों में शुमार है।
वेद्यशाला में ये 5 यंत्र, जाने किससे क्या पता चलता है
शंकु यंत्र –वर्ष में बड़े-छोटे दिन की जानकारी निकालते हैं।
सम्राट यंत्र – समय पता लगाते हैं।
नाड़ी यंत्र – सूर्य के गोलार्ध की स्थिति के बारे में जानते हैं।
भीत्ति यंत्र – सूर्य की क्रांतियों के बारे में जानकारी।
दिगंश यंत्र – सूर्य व अन्य किसी भी ग्रहों के उन्नतांश आदि की जानकारी के लिए।